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bharose ki baat aur anya kavitayein book review in hindi

इस हफ्ते की किताब

भरोसे की बात और अन्य कविताएं: सौ बात की एक बात

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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शैलेंद्र शांत का यह पांचवा कविता संग्रह है। कवि के अनुभव की विविधता कविताओं में दिखती है। उन्होंने जीवन के रंगों को खूबसूरत कविताओं की शक्ल दी है। वह समाज और राजनीति के सजग द्रष्टा भी हैं। विकास को वे उसके शाब्दिक अभिव्यक्ति में ही नहींं, सांस्कृतिक बदलाव के समानांतर में भी परखते हैं। उनकी दृष्टि समाज में दैनंदिन रूप ले चुके व्यभिचार तंत्र पर भी है, जिसकी शिकार न जाने कितनी निर्भया हैं। उनकी कविताओं में परिवारों के टूटने और बंटने का दर्द है और घर-आंगन की अभिव्यक्तियां भी हैं। कविताओं में प्रयोग किए गए शब्द लुभाते हैं।


किताब- भरोसे की बात और अन्य कविताएं
लेखक- शैलेंद्र शांत
प्रकाशक- बोधि प्रकाशन, जयपुर
मूल्य- 120 रुपये

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