आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Book Review ›   Badnaam aurat book review
Badnaam aurat book review

इस हफ्ते की किताब

बदनाम औरत... कितने बदल गए हैं आप, कितने हम?

मनोरंजन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

428 Views
'बदनाम औरत' सलिल सुधाकर का लिखा कहानी-संग्रह है। वे लंबे समय से कहानी लेखन करते आ रहे हैं। उनका उपन्यास 'तपते कैनवास पर चलते हुए' चर्चित रहा है।
उनकी कहानियों की पृष्ठभूमि अन्य लेखकों से हमेशा अलग रही है। इस किताब में 'बदनाम औरत', 'शैतान बुश के कुनबे की औरत', 'ताश का महल' उनकी कुछ महत्वपूर्ण और अच्छी कहानियों में से हैं, जिनमें उन्होंने 80 और 90 के दशकों से लेकर 21वीं सदी के बदलते आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश का बखूबी चित्रण किया है। उनकी कहानियां पाठकों को ये बताने में सफल रहीं कि कैसे वैश्वीकरण के उपरांत चीजें तेजी से बदलीं और हमारे जीवन मूल्यों में विघटन आया।  

किताब- बदनाम औरत
लेखक- सलिल सुधाकर
प्रकाशक- रश्मि प्रकाशन, लखनऊ
मूल्य- 150 रुपये
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!