UP Board Result 2020: ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में बना सकते हैं करियर, डिप्लोमा से लेकर डिग्री कोर्स हैं मौजूद

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 22 Jun 2020 08:07 AM IST
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Uttar Pradesh (UP) Board Results 2020: हाल ही में प्रकाशित एक नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक जिस तेजी से हमारा देश ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में अपनी पैठ बना रहा है, उसे देखते हुए वर्ष 2050 तक भारत में सं.रा. अमेरिका से अधिक कारें हो जाएंगी तथा विश्व की हर छठी कार भारतीयों की होगी। इसका सीधा असर वाहनों के प्रोडक्शन पर पड़ेगा तथा रोजगार के चमकीले अवसर उत्पन्न होंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का योगदान लगातार बढ़ रहा है। दिन-प्रतिदिन आने वाले नए मॉडलों, रखरखाव तथा बढ़ते स्टेटस सिंबल के मद्देनजर लोगों का रूझान ऑटोमोबाइल की तरफ बढ़ने लगा है। इसका अर्थ है कि आने वाले कुछ वर्षों में यह इंडस्ट्री रोजगार देने वाली प्रमुख इंडस्ट्री बन जाएगी, क्योंकि भारी मात्रा में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत पड़ेगी। डिजाइनिंग, रखरखाव, मार्केटिंग आदि में हजारों व्यक्तियों के लिए रोजगार की संभावनाएं उत्पन्न हो जाएंगी। इसके साथ ही भारतीय मध्यम वर्ग का विकास, बढ़ती क्रय शक्ति के कारण वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों के तेजी से भारतीय बाजार में आने के कारण रोजगार के चमकीले अवसर उत्पन्न होंगे।
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नए बदलते हुए परिवेश में कस्टमर की मांग के अनुरूप डिजाइनर कार एवं वाहनों के चलन ने तो इस शाखा का महत्व और भी बढ़ा दिया है। देश में न केवल स्वदेशी अपितु विदेशी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी नए परिवर्तन, नए स्वरूप और पूरी गुणवत्ता के साथ मॉडल्स प्रस्तुत किए हैं। इनके लिए ऑटोमोबाइल मेन्युफेक्चरिंग कंपनियों ने अनुसंधान एवं विकास यानी रिसर्च एवं डेवलपडेवलपमेंट विंग स्थापित की है। जाहिर है यह महत्वपूर्ण कार्य, क्षेत्र विशेष का जानकारी व्यक्ति ही कर सकता है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की इस उभरती शाखा का आधार ऑटोमोबाइल इंजीनियर ही होता है। यकीनन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में किस्मत आजमाने वाले छात्रों को मानसिक रूप से दृढ़ तथा परिश्रमी होना आवश्यक है, क्योंकि एक ही प्रोजेक्ट एवं डिजाइन पर लगातार कई दिनों तक काम करना पड़ सकता है। इसके साथ ही उसे क्रिएटिव होना पड़ता है, ताकि नई-नई थीम एवं आइडियाज ईजाद कर सकें।

कोर्स एवं पाठ्यक्रम:

हमारे देश में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश 12वीं के बाद मिलता है। 12वीं में गणित समूह होना आवश्यक है। जहां एक ओर डिग्री स्तर के पाठ्यक्रम हैं, वहीं दूसरी ओर डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम भी देश में उपलब्ध हैं। यों तो ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में बीई पाठ्यक्रम श्रेष्ठ है, मगर डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम भी कम महत्वपूर्ण नहीं हैं। तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। तीन वर्षीय डिप्लोमा स्तर का ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम करने के उपरांत आप इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स द्वारा आयोजित की जाने वाली एसोसिएट मेंंबरशिप परीक्षा में शामिल होकर इंजीनियरिंग डिग्री के समकक्ष डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।


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