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नए इंजीनियरिंग कॉलेज दो साल में बनाएं स्थायी कैम्पस, नहीं तो दाखिले पर लगेगी रोक

जॉब डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 19 Jul 2019 11:38 AM IST
New Engineering colleges need to have own campus in 2 years,  AICTE Rules
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आईआईटी और आईआईआईटी को जमीन आवंटन में राज्यों के नाकाम रहने पर सरकार के जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कहने के बाद तकनीकी शिक्षा नियामक एआईसीटीई ने एक नया आदेश जारी कर दिया है। नए आदेश में कहा गया है कि अस्थायी कैम्पस में चलने वाले नए इंजीनियरिंग कॉलेजों को दो साल के अंदर स्थायी कैम्पस में शिफ्ट करना अनिवार्य होगा।
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ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के नए नियम के अनुसार जो संस्थान इस समय सीमा का पालन नहीं करेंगे, उन्हें दाखिला देने की स्वीकृत संख्या में 50 फीसदी कटौती करनी होगी। इसके बदले उन्हें स्थायी कैम्पस में शिफ्ट होने के लिए दो साल की मोहलत मिल जाएगी। यदि संस्थान इसमें भी नाकाम रहे, तो वह आगे की कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। काउंसिल उचित कार्रवाई करेगी। दरअसल संस्थान को जमीन आवंटित होने के बावजूद वह निर्माण नहीं करवाते और सालो-साल अस्थायी कैम्पस में शिक्षण कार्य चलाते हैं।

नए नियम के मुताबिक, काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यताप्राप्त सभी संस्थानों को नए टेक्निकल इंस्टीट्यूट के नाते अपने मौजूदा कोर्स के बारे में एआईसीटीई के पास आवेदन जमा कराना होगा। इसके साथ ही एआईसीटीई से बिना मंजूरी लिए एप्लाइड आर्ट्स एंड क्राफ्ट और व्यावसायिक पाठ्यक्रम चलाने वाले संस्थानों को भी यही प्रक्रिया अपनाना होगा।
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