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झारखण्ड

शनिवार, 21 सितंबर 2019

देश ने मेरी सरकार का अभी ट्रेलर देखा है, पूरी फिल्म बाकी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड के शहर रांची पहुंचे। उन्होंने यहां नए झारखंड विधानसभा के नई भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद व भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई, मुस्लिम महिलाओं हितों की रक्षा और जम्मू कश्मीर के विकास के उपायों सहित अपनी सरकार के पहले 100 दिनों में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुएकहा कि इन सभी मामलों में देश ने अभी उनकी सरकार का बस ट्रेलर देखा है, पूरी फिल्म तो अभी बाकी है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने आज रांची की अपनी एकदिवसीय यात्रा के दौरान झारखंड के नव निर्मित विधानसभा भवन का उद्घाटन करने समेत कई योजनाओं का शुभारंभ करते हुए हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने पूरे देश को किसानों के लिए पेंशन की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, व्यवसाइयों के लिए पेंशन की खुदरा व्यापारिक एवं स्वरोजगार पेंशन योजना व आदिवासी छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एकलव्य मॉडल विद्यालय का भी शुभारंभ किया।

मोदी ने कहा कि आतंकवाद एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का हमारा संकल्प है। हमने कामदार और दमदार सरकार देने का वादा किया था और तेजी से काम करने की बात कही थी। पहले सौ दिनों में ही हमारी सरकार ने जिस तेजी से काम किया है, वैसा आजाद भारत के इतिहास में नहीं दिखा। देश ने ट्रेलर देशा है, अभी तो पूरी फिल्म बाकी है। 

उन्होंने कहा इसी उद्देश्य से जम्मू कश्मीर में उनकी सरकार ने अनुच्छेद 370 व 35ए जैसे प्रावधानों को खत्म करने का काम किया है। आतंकवाद के खिलाफ कानून को संसद के पहले सत्र में ही सख्त बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जम्मू कश्मीर व लद्दाख को विकास की उंचाई पर ले जाना चाहती है और इन कदमों के साथ इसकी शुरुआत कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के अनेक वर्ग विकास की धारा से कटे हुए थे। उन्हें 370 जैसे प्रावधान हटाये जाने से विकास की मुख्या धारा में लाया जा सकेगा और पूरे राज्य का तेजी से विकास किया जा सकेगा।

मोदी ने भ्रष्टाचार के मामलों में हाल में पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर हुई कानूनी कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने दूसरी पारी प्रारंभ करते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ भी निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है। भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को उनकी सही जगह पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। कुछ लोग अपने उचित जगह पहुंच भी गए हैं। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की प्रतिबद्धता अटल है। कुछ लोगों ने इस देश में अपने आप को कानून और अदालतों से भी ऊपर समझ लिया था। आज वही लोग अदालतों से जमानत की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने अन्य भ्रष्टाचारियों पर भी शीघ्र कानून का शिकंजा कसने की ओर इशारा करते हुए कहाकि अभी तो सिर्फ शुरूआत हुई है, अभी बहुत काम बाकी है।

 

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झारखंड में दर्दनाक हादसा, बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत

झारखंड के गढ़वा जिले में मझिआंव के पासी टोला में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हो गए हैं। घायलों को मझिआंव के रेफरल अस्पताल से गढ़वा के सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

मझिआंव में तेज बारिश के बीच दर्जन भर लोग एक महुआ के पेड़ के नीचे रुक गए तभी उन पर आकाशीय बिजली गिर पड़ी जिससे छह लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घायलों में दो की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मृतकों में अधिकतर युवक थे। घायलों की स्थिति गंभीर है लेकिन वे खतरे से बाहर बताए गए हैं।

मरने वालों की पहचान कृष्णा चौधरी (15), अंतू पटवा (16), शुभम कुमार (20) , पवन कुमार (18) , संजय चौधरी (50), सुनील चौधरी, राजू चौधरी, तथा सोनू चौधरी (18)अट्ठारह के रूप में हुई है।

घटना की पुष्टि गढ़वा के एसडीपीओ ओम प्रकाश तिवारी ने की है और बताया कि छह लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी।

इस बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गढ़वा में वज्रपात से हुई आठ लोगों की मौत पर दुःख जताया है। उन्होंने उपायुक्त को मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सभी मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है।



 
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तबरेज अंसारी मामला: केंद्र सरकार ने कहा कानून करेगा अपना काम

झारखंड पुलिस ने तबरेज अंसारी भीड़ हिंसा केस मामले में दायर आरोपपत्र में हत्या की धारा हटा दी है। जिसपर की काफी विवाद हो रहा है। इसपर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने आरोपपत्र से हत्या की धारा हटाए जाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि यह आपराधिक कृत्य था।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि अदालत में क्या हुआ। मैं चाहता हूं कि जो कुछ भी हुआ था, जो भी आपराधिक कृत्य हुआ था, दोषी को सजा दी जानी चाहिए।' रेड्डी ने कहा कि वह इस मामले में राज्य सरकार से बात करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या से गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई हो तो उन्होंने कहा, 'कानून अपना कान करेगी।'

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने उस बात को खारिज कर दिया कि भीड़ हिंसा की कथित घटनाएं केवल भाजपा शासित राज्यों में हो रही हैं। उन्होंने कहा, 'इस तरह की घटनाएं पश्चिम बंगाल में भी हुई हैं। इस तरह के कई मामले पहले भी हुए हैं, 'सभी मामले भाजपा शासित राज्यों में नहीं हुए हैं।' रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ऐसी घटनाएं कहीं नहीं होनी चाहिए।

बता दें कि लगभग चार महीने पहले झारखंड के सरायकेला-खरसावां में चोरी का कथित आरोप में भीड़ द्वारा पीटे गए 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की मौत हो गई थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कि कहा गया है कि अंसारी की दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) से मृत्यु हुई और यह कहा गया है कि यह पूर्व नियोजित हत्या का मामला नहीं है। 

झारखंड पुलिस ने पिछले महीने चार्जशीट में धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इससे पहले अंसारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर सरायकेला-खरसावां के एसपी कार्तिक एस ने कहा कि हमने दो कारणों से आईपीसी की धारा 304 के तहत आरोप पत्र दायर किया। पहली वजह यह है कि वह (तबरेज अंसारी) मौके पर नहीं मरा। ग्रामीणों का अंसारी को मारने का कोई इरादा नहीं था। 

18 जून को धातकीडीह गांव में भीड़ ने अंसारी को एक पोल से बांध दिया, उस पर चोरी का आरोप लगाया और उसके साथ मारपीट की। उसे कथित तौर पर 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' बोलने के लिए मजबूर किया। उस पर हुए हमले के बाद, अंसारी को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चार दिन बाद, उसे एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने मारपीट में घायल होने के कारण दम तोड़ दिया।
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झारखंड: जसीडीह स्टेशन पर लोकल ट्रेन बफर से टकराई, कोई हताहत नहीं

झारखंड के जसीडीह रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक लोकल ट्रेन ने एक प्लेटफार्म के बफर को टक्कर मार दी। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

जसीडीह स्टेशन मास्टर एस के मंडल ने बताया कि किसी भी यात्री या प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। उन्होंने बताया कि चालक भी सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बैद्यनाथ धाम-जसीडीह लोकल ट्रेन जसीडीह स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या चार के बफर से सुबह नौ बजकर 50 मिनट पर टकरा गई।

मंडल ने बताया कि ट्रेन को बफर से चार से पांच मीटर पहले रुकना होता है लेकिन ट्रेन ने आगे बढ़ते हुए बफर को टक्कर मार दी। मंडल ने कहा कि आसनसोल रेलवे डिवीजन की एक टीम घटना की जांच के लिए जसीडीह आ रही है।

देवघर जिले के बैद्यनाथ धाम और जसीडीह रेलवे स्टेशनों के बीच की दूरी लगभग सात किमी है।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

बिजली कटौती से परेशान रांची, धोनी की पत्नी साक्षी ने खोली सरकार के दावों की पोल

झारखंड में आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास दिन-रात प्रदेश में हुए विकास कार्यों के प्रचार प्रसार में जुटे हैं। जिसमें शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे निर्बाध गति से बिजली की आपूर्ति भी शामिल है। लेकिन, उनके इस दावे की पोल भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी ने खोल दी है।

साक्षी धोनी ने बिजली की कटौती से परेशान होकर ट्वीट किया कि रांची में लोग प्रत्येक दिन बिजली कटौती का अनुभव करते हैं। इसकी रेंज चार से सात घंटे की होती है। साक्षी ने अपने ट्वीट में लिखा कि पांच घंटे से बिजली न होने का का कोई कारण नहीं है, मौसम अच्छा है और कोई त्योहार नहीं है।

शाम 4.37 बजे किए गए अपने इस ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मुझे आशा है कि इस समस्या का संबंधित अथॉरिटी द्वारा संज्ञान लिया जाएगा।

बता दें कि रांची शहर में आए दिन हो रही बिजली कटौती से शहरवासी परेशान हैं। आने वाले चुनाव में विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकती हैं। 
 


 
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तबरेज अंसारी मामला: सभी आरोपियों के खिलाफ फिर लगी हत्या की धारा

झारखंड पुलिस द्वारा तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा हत्या मामले में 11 आरोपियों पर से हत्या की धारा हटाने के आठ दिन बाद बुधवार को फिर से यह आरोप जोड़ दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा एक नई मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर किया गया है।

अंसारी की जून में कथित चोरी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। नई मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बुधवार को सरायकेला-खरसावां जिले में अदालत के समक्ष एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें 11 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 को बरकरार रखा गया है।

राज्य के पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आज सरायकेला-खरसांवा की अदालत में पुलिस ने इन 11 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किये।

इसके अलावा आज ही इस मामले के दो अन्य आरोपियों विक्रम मंडल और अतुल महली के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किये और उनके खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के साथ हत्या की धारा 302 के तहत मामला बनाया गया है।

इससे पहले अपराध विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में तबरेज की मौत का कारण सिर्फ दिल का दौरा पड़ना बताया गया था जिसके आधार पर पुलिस ने इस मामले में पहले 11 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में हत्या की धारा 302 के स्थान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 लगाई थी जिसका आशय था कि हत्या गैर इरादतन थी।

गौरतलब है कि इस साल 18 जून को झारखंड के सरायकेला-खरसावां में बाइक चोरी के आरोप में भीड़ की पिटाई के एक सप्ताह बाद 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की मौत हो गई थी। पुलिस ने उसकी पत्नी शाइस्ता की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत 13 नामजद लोगों में से 11 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। दो अन्य आरोपियों के खिलाफ अभी भी जांच जारी है।

तबरेज पूना में वेल्डर का काम करता था और घटना के समय अपने गांव आया हुआ था। सरायकेला खरसांवा के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने उस समय बताया था कि इस मामले की जांच में पुलिस ने जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी तो उसमें तबरेज की मौत हृदय गति रुकने के कारण हुई बतायी गयी थी।
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एनआरसी को लेकर गृहमंत्री अमित शाह सख्त, कहा- देशभर में किया जाना चाहिए लागू

गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एनआरसी को लेकर बयान दिया है। अमित शाह ने रांची में बुधवार को कहा कि एनआरसी को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। दुनिया में जब कोई भी देश अपने यहां किसी बाहरी नागरिक को नहीं घुसने देता तो भारत में बाहरी लोग कैसे रह सकते हैं।



अमित शाह ने आगे कहा कि जो लोग एनआरसी से बाहर हुए हैं उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मौका दिया जाएगा। एनआरसी का फैसले को ट्रिब्यूनल तय करेगा। जिनको दिक्कत है तो वे ट्रिब्यूनल के पास जाकर अपील कर सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाएंगे उन्हें एक कानूनी प्रक्रिया के तहत देश से बाहर किया जाएगा। देश के नागरिकों का एक रजिस्टर होना समय की जरूरत है। देश के लोगों के लिए यह पूरे देशभर में लागू किया जाना चाहिए। 

अमित शाह ने कहा कि उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी एनआरसी लागू करने का वादा किया था जिसे पूरा कर रहे हैं।
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हिंदी विवाद पर शाह की सफाई, कहा- थोपने की नहीं, दूसरी भाषा के तौर पर अपनाने की कही थी बात

अमित शाह (फाइल फोटो)
हिंदी पर अपने बयान से उठे विवाद को शांत करने का प्रयास करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि उन्होंने देश में कहीं भी हिंदी थोपने की बात कभी नहीं की बल्कि दूसरी भाषा के तौर पर इसके इस्तेमाल की वकालत की। शाह ने कहा कि वह लगातार क्षेत्रीय भाषाओं को मजबूत करने की वकालत कर रहे हैं।

उन्होंने एक हिंदी अखबार द्वारा रांची में आयोजित एक समारोह में कहा, ‘मैं भी एक गैर-हिंदी भाषी राज्य से आता हूं। मैं गुजरात से आता हूं जहां गुजराती भाषा बोली जाती है, ना कि हिंदी। मेरे भाषण को तसल्ली से सुना जाना चाहिए। अगर किसी को राजनीति करनी है तो यह उसकी मर्जी है।’



भाजपा अध्यक्ष शाह गत शनिवार को हिंदी दिवस पर दिए गए अपने भाषण का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने भारत के लिए एक समान भाषा की वकालत की थी जिस पर दक्षिण भारत के दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और हिंदी थोपने के किसी भी प्रयास का विरोध करने की बात कही थी।

गृह मंत्री ने कहा कि लोगों को भ्रम दूर करने के लिए पूरी सावधानी से उनके भाषण को सुनना चाहिए जहां उन्होंने बार-बार कहा कि भारतीय भाषाओं को मजबूत किया जाना चाहिए और लोगों को भारतीय भाषाओं की आवश्यकता को समझना चाहिए। शाह ने कहा, ‘मैंने केवल अनुरोध किया था। मुझे समझ नहीं आता कि इसमें क्या गलत है।’

उन्होंने कहा, ‘किसी बच्चे का उचित मानसिक विकास तभी संभव है जब वह मातृभाषा में पढ़ाई करता है। मातृभाषा से मतलब हिंदी से नहीं है। यह राज्य विशेष की भाषा है। जैसे मेरे राज्य में गुजराती है। लेकिन देश में एक भाषा होनी चाहिए कि यदि कोई दूसरी भाषा सीखना चाहे तो यह हिंदी होनी चाहिए।’
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झारखंड: शहीद की बेटी के साथ दो साल तक किया दुष्कर्म, आरोपी एएसआई फरार

झारखंड के बोकारो में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप में एएसआई को निलंबित कर दिया गया है और साथ ही उस पर दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की गई है। आरोपी एएसआई फिलहाल फरार चल रहा है। 


बोकारो पुलिस के एएसआई राजू सिंह के खिलाफ शहीद की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का आरोप है। जब मामला खुला तो पता चला कि आरोपी एएसआई पिछले दो साल से शहीद की बेटी से दुष्कर्म कर रहा है। जिसके बाद पीड़िता की मां ने चास स्थित महिला थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। शिकायत की खबर मिलते ही आरोपी एएसआई राजू सिंह फरार हो गया। 

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार देर शाम राजू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। वह मौके पर पहुंचा तो लेकिन पूछताछ के दौरान ही फरार हो गया। चास महिला थाना ने पीड़िता को अदालत में पेश किया जहां थाना 164 के तहत उसका बयान दर्ज किया गया। वहीं, सदर अस्पताल में पीड़िता की मेडिकल जांच भी कराई गई। 

इस मामले को लेकर बोकारो के एसपी पी. मुरुगन ने आरोपी पुलिस अधिकारी को निलंबित करते हुए जांच के लिए एक टीम का गठन करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने बताया कि आरोपी की दबिश के लिए छापेमारी की जा रही है। 
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अपहरण और हत्या मामले में नक्सली को मिली आजीवन कारावास की सजा

झारखंड की एक अदालत ने पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के एक नक्सली को छह साल पहले सिमडेगा जिले में एक अध्यापक के अपहरण और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नीरज कुमार ने कोलेश्वर महतो को दोषी पाया और मंगलवार को उसे सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 98,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एफआईआर के मुताबिक महतो ने अध्यापक मनोज कुमार का 26 नवंबर 2014 को अपहरण किया और अगले दिन उनका शव एक जंगल में मिला।

मृतक के परिवार ने इस संबंध में झारखंड के पूर्व मंत्री इनोस इक्का और अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया था। इक्का को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

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अनुच्छेद 370 हटा कर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी: अमित शाह

झारखंड के जामताड़ा से जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने भाजपा का चुनावी बिगुल फूंका। जोहार झारखंड कह कर लोगों का अभिवादन करते हुए अमित शाह ने कहा कि झारखंड एक राज्य बने, इसकी मांग काफी समय से थी, लेकिन यह सपना अटल जी की सरकार ने पूरा किया। अटल जी ने झारखंड बनाया और मोदी जी ने इसे संवारा।
 


उन्होंने कहा कि हमने पहले भी सरकार बनाई थी, लेकिन गिरा दी गई थी। आप लोगों ने हमें पूर्ण बहुमत दिया और हमने रघुवर दास के नेतृत्व में झारखंड का विकास किया। उन्होंने कहा कि रघुवर जी जन आशीर्वाद लेकर निकले हैं, ऊपर मोदी जी की सरकार आपने बनाई है। यहां भी दोबारा रघुवर दास जी की सरकार बना दीजिये, ये दोनों सरकारें मिलकर झारखंड को नंबर एक प्रदेश बना देंगी। 



शाह ने कहा कि साल 2004-14 के बीच कांग्रेस को केंद्र में 10 साल सरकार चलाने का मौका मिला। 13वें वित्त आयोग में कांग्रेस ने मात्र 55,200 करोड़ रुपये झारखंड को दिए थे, लेकिन मोदी जी ने 14वें वित्त आयोग में 1,45,345 करोड़ रुपये झारखंड को देने का काम किया। 

अनुच्छेद 370 पर अपना रुख स्पष्ट करें राहुल गांधी 

मोदी जी ने अनुच्छेद 370 हटाकर कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाया तो विपक्षियों को परेशानी होने लगी। कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संसद में इसके विरोध में वोट किया। राहुल गांधी स्पष्ट करें कि वे 370 हटाने के पक्ष में हैं या विरोध में?

उन्होंने कहा कि जब हमने सर्जिकल की तो राहुल गांधी विरोध करते हैं, एयर स्ट्राइक करते हैं तो प्रमाण मांगते हैं। जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगते हैं, तो वो उनके साथ जाकर खड़े हो जाते हैं, अब तय कर लो और देश की जनता को बताओ कि आप किस दिशा में जाना चाहते हो?
 


उन्होंने कहा कि अब झारखंड की जनता को तय करना है कि मोदी जी जिन्होंने अनुच्छेद 370 और 35A हटाया है, उनके साथ रहना है या जिन्हें अनुच्छेद 370 चाहिए उनके साथ रहना है।
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तबरेज अंसारी की पत्नी बोलीं, आरोपियों को फांसी नहीं मिली तो आत्महत्या कर लूंगी

झारखंड में भीड़ हिंसा के शिकार हुए तबरेज अंसारी की पत्नी साइस्ता परवीन ने आत्हत्या करने की बात कही है। साइस्ता परवीन ने कहा कि यदि हत्यारों पर धारा 302 (हत्या) का आरोप नहीं लगाया गया और फांसी नहीं दी गई, तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। 

साइस्ता परवीन ने आगे कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि मेरे पति की मृत्यु कैसे हुई लेकिन प्रशासन में कोई भी हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार नहीं है। 
 




बता दें कि इससे पहले तबरेज अंसारी की पत्नी ने का कहा था कि मेरे पति को मौत के घाट उतार दिया गया। परवीन ने कहा कि पहले इस मामले में धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में प्रशासन के प्रभाव में धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में बदल दिया गया था। 

अंसारी की पत्नी ने आगे कहा कि दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है, मैं चाहती हूं कि सीबीआई से मामले की जांच करानी चाहिए, ताकि हमें न्याय मिल सके।  ... और पढ़ें
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