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पलामू में पत्रकार की मौत मामले में धड़पकड़ जारी, पांच की हुई गिरफ्तारी

क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 19 May 2018 12:24 PM IST
five booked including two women in mysterious death case of freelance journalist in palamu
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झारखंड के पलामू जिला के विश्रामपुर गांव में पत्रकार रामेश्वर केशरी हत्याकांड में पुलिस ने पांच लोगें के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया है। पलामू के एसपी इंद्रजीत महतो ने बताया कि फ्रीलांस पत्रकार और ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्यकर्मी के तौर पर काम करने वाले रामेश्वर की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एक टीम का गठन किया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 



पत्रकार की पत्नी संगीता देवी ने शिकायत में कहा है कि उसके पति का पिछले 6 सालों से साथ काम करने वाली ममता देवी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण कई बार उन दोनों के बीच कई बार लड़ाई भी हुई थी। लेकिन पंचायत के बीच बचाव के बाद सुलह कराई गई पर फिर भी वह दोनों नहीं माने। महिला ने बताया कि उसका पति उस पर और उसके तीनों बच्चों पर बिल्कुल ध्यान नहीं देता था। उसने कहा कि उसके पति की हत्या ममता देवी, उसके पति, पिता, मां और एक अन्य व्यक्ति महेंद्र प्रजापति ने मिलकर की है। उसने कहा कि हत्या को छुपाने के लिए उसके पति को फंदे से लटकाया गया था।


बता दें पलामू के विश्रामपुर में पत्रकार रामेश्र्वर केशरी की बुधवार को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। उन्हें विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रशिक्षण केंद्र में फंदे से झूलते हुए पाया गया। रामेश्वर पत्रकारिता के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग में ट्रेनिंग देने का काम भी करते थे। जिस कमरे में वह ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाते थे उसी कमरे में उनका शव पाया गया। 

ऐसी अवस्था में मिला था शव

जिस हालत में केशरी का शव मिला उससे यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत होता है। शव फंदे पर घुटने के बल टिका हुआ था। गले में दुपट्टे का फंदा लगा हुआ था। जिसका दूसरा सिरा पंखे से लगा हुआ था। वहीं कमरे में शव के आस पास चूड़ी के टुकड़े, लेडीज अंगूठी, कान की बाली और उसमें लगने वाले मोती बिखरे पड़े थे। प्रथम जांच से पता चला कि यह मामला गला दबाकर उसे आत्महत्या करार देने की कोशिश का लगता है। लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। 

पलामू के डीआईजी विपुल शुक्ला का कहना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की हत्या का यह मामला उसकी पत्रकारिता गतिविधियों से जुड़ा प्रतीत नहीं होता है। अभी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। 

मामले की जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक सुरजीत कुमार की अगुआई में टीम गठित की गई है। जिसमें प्रशिश्रु पुलिस उपाधीक्षक विमलेश त्रिपाठी, पुलिस निरीक्षक दीपनारायण रजक, रेहला थाना प्रभारी नूतन मोदी एंव महिला थाना प्रभारी दुल्लर चौड़े को रखा गया है। 
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