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आतंक के गढ़ 'दक्षिण कश्मीर' से निकला कोहिनूर, 20 साल की उम्र में पायलट बना ये युवक

आतंक का गढ़ कहे जाने वाले दक्षिण कश्मीर में युवा अब विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं। पुलवामा जिले के एक 20 वर्षीय युवक ने पायलट बनकर अपने परिवार...

17 जनवरी 2021

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Digital Edition

गणतंत्र दिवस पर दिखा नया कश्मीर, चारों तरफ लहराए तिरंगे, घाटी में पर्यटक प्रसन्न

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार इस गणतंत्रता दिवस पर नया कश्मीर दिखाई दिया। उत्तर से दक्षिण कश्मीर तक आतंकवादी या अलगाववादी संगठनों के झंडों की जगह हर तरफ तिरंगा लहराया। घाटी पहुंचे पर्यटकों ने भी कहा, चारों तरफ तिरंगे देखकर लगता है, अब संपूर्णता का अहसास होता है। यह आतंकवाद और अलगाववादियों के मुंह पर करारा तमाचा है। 

उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा में विलगाम इलाके के करीब 13 गांवों से करीब 100 से अधिक लोगों ने तिरंगा रैली निकाली। उत्तरी कश्मीर के कुंजर, बारामुला आदि इलाकों में भी तिरंगा रैलियां निकलीं। आतंकवाद का गढ़ माने जाने वाले शोपियां जिले के एक धार्मिक संस्थान जामिया सिराज-उल-उलूम इमाम साहिब में भी पहली बार गणतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान के बच्चों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

श्रीनगर शहर भी तिरंगे के रंग में रंगा दिखा। एक दिन पहले ही शहर की मुख्य इमारतों, फ्लाई ओवर आदि पर दीपमाला कर दी गई थी। शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का टर्मिनल भी तिरंगे में रंगा दिखा। पहली बार विश्व प्रसिद्ध डल झील के आसपास की बुले वार्ड रोड पर भी तिरंगे लगाए गए थे। श्रीनगर की कुछ मुख्य सड़कें सोनवार, इंदिरा नगर आदि भी तिरंगे से सजी हुई थीं। 

गुपकार रोड पर भी लहराया तिरंगा
 श्रीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एसएमसी) के 5 निर्दलीय पार्षदों आकिब रेंजू, आसिफ बेग, मोहम्मद सलीम भट, इनायत अहमद शाहीना भट ने श्रीनगर की वीवीआईपी 5, गुपकार रोड पर भी तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रीय गान गाया। बता दें कि गुपकर रोड पर तीन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का घर है। यहीं से गुपकार डेक्लेरेशन की शुरुआत हुई थी। 

डल झील भी तिरंगे के रंग में रंगी
डल झील के बीचो बीच स्थित चार चिनारी में भी स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने तिरंगा फहराया। इस दौरान विशेष म्यूजिकल इवेंट में भाग लेने वाली कर्नाटक की प्रकृति ने कहा कि चारों ओर तिरंगे देख कर गर्व महसूस हो रहा है। कई वर्षों बाद कश्मीर में यह बदलाव दिखा है। लग रहा है कि भारत अब एक पूर्ण देश है। 900 मेगावाट वाला बाघलियार पावर प्रोजेक्ट भी तिरंगे की थीम वाली लाइटिंग से जगमग था।
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गणतंत्र के रंग... गणतंत्र के रंग...

कुलगाम में आतंकियों ने किया आईईडी धमाका, एक जवान शहीद, तीन घायल

दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों द्वारा किए गए एक आईईडी धमाके में सेना का एक जवान शहीद हो गया जबकि तीन अन्य जवान घायल हो गए। हमले में गवर्नमेंट मिडिल स्कूल सुभानपुर की इमारत को भी नुकसान पहुंचा है। शहीद जवान की शिनाख्त हरियाणा के कोसली रेवाड़ी के दीपक कुमार के रूप में हुई है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर हमलावरों की तलाश तेज कर दी है। हमले की जिम्मेदारी नवगठित आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने ली है।  जवान की शहादत कीआधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10.15 बजे जानकारी मिली थी कि गवर्नमेंट मिडिल स्कूल सुभानपुर में एक आईईडी विस्फोट हुआ। जानकारी मिलते ही तुरंत पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पता चला कि आतंकियों ने रात में एक बिल्डिंग में कम तीव्रता वाले विस्फोटक पदार्थ और बॉल बेयरिंग से बनाई आईईडी प्लांट की थी।

सुबह के समय जैसे ही सेना की 24 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के जवान नियमित सैनिटाइजेशन के लिए पहुंचे तभी आईईडी धिमाका हो गया जिसमें सेना के 4 जवान घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया। जहां एक जवान शहीद हो गया। घायल जवानों के आईईडी के स्प्लिंटर लगे हैं। इस घटना को लेकर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जम्मूः दुर्घटनाग्रस्त ध्रुव हेलीकॉप्टर के सह-पायलट की हालत गंभीर

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर ध्रुव के सह-पायलट की हालत गंभीर बनी हुई है। उत्तरी कमान के प्रवक्ता ने कहा कि सह-पायलट कैप्टन अंजनी कुमार सिंह की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। 

आपको बता दें कि कठुआ में लखनपुर से सटे सैन्य क्षेत्र में सेना का ध्रुव हेलिकॉप्टर सोमवार की शाम क्रैश हो गया था। हादसे में लेफ्टिनेंट कर्नल की मौत हो गई थी। कैप्टन रैंक के दूसरे पायलट की हालत भी नाजुक बनी हुई है। दोनों को पठानकोट सैन्य अस्पताल शिफ्ट किया गया था, जहां 36 वर्षीय लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा को मृत घोषित कर दिया गया। हेलिकॉप्टर ने पठानकोट के मामून कैंट से उड़ान भरी थी। लखनपुर पहुंचते ही हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते सेना के बसोहली ब्रिगेड क्षेत्र में बिजली तार से टकराकर पेड़ों पर जा गिरा। इससे हेलिकॉप्टर में आग लग गई।

 जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर ने रूटीन पेट्रोलिंग के लिए पठानकोट के मामून कैंट से उड़ान भरी थी। शाम सात बजे के बाद लखनपुर के नजदीक इसमें तकनीकी खराबी आ गई। बताया जा रहा है कि पायलटों ने हेलिकॉप्टर की सैन्य क्षेत्र में लैंडिंग कराने का प्रयास किया, लेकिन यह लैंडिंग सफल नहीं हो पाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चॉपर बिजली की हाई ट्रांसमिशन लाइन के तार से टकराता हुआ सफेदे (युकेलिप्टस) के पेड़ों के बीच जा गिरा। इसके बाद चॉपर ने आग पकड़ ली। 

सैन्य क्षेत्र होने के चलते फौरन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। हेलिकॉप्टर में सवार पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पठानकोट सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ को मृत घोषित कर दिया गया। घटना स्थल पर पहुंचे एसएसपी कठुआ डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि शाम सवा सात बजे के लगभग सेना की बसोहली ब्रिगेड में ध्रुव चॉपर क्रैश हो गया। प्राथमिक तौर पर इसका कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है। 


 
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Ladakh Earthquake Today: लद्दाख में आया भूकंप, रिक्टर स्केल पर 3.6 रही तीव्रता

लद्दाख में भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई है। 
इससे पहले महाराष्ट्र के पुणे जिले के पुरंदर के पास शाम 7.28 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर तीव्रता 2.6 मापी गई।

आपको बता दें कि भूगर्भविज्ञानी अपने अध्ययनों के माध्यम से समय-समय पर जमीन के नीचे की हलचल नापते रहे हैं और अलर्ट भी जारी करते रहे हैं। कुछ दिन पहले पता चला था कि चंडीगढ़ में सुखना लेक के सामने स्थित शिवालिक की पहाड़ी भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील है। वैज्ञानिकों को इस पहाड़ी में फाल्ट मिला है। इस फाल्ट के कारण कभी भी भूकंप आ सकता है। 

वैज्ञानिकों ने इस फाल्ट को हिमालयन फ्रंटल फाल्ट का नाम दिया है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा के भी कई हिस्सों में फाल्ट लाइन मिली हैं। वैज्ञानिकों ने इसकी पूरी रिपोर्ट भारत सरकार के भू विज्ञान मंत्रालय को भेज दी है।

पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रो. महेश ठाकुर ने यह शोध किया है। कई साल तक चले शोध के जरिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण व चौंकाने वाले तथ्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने रिमोर्ट सेंसिंग डेटा के जरिए विश्लेषण किया और उसके बाद परिणाम जारी किए। चंडीगढ़ की सुखना लेक के सामने ही शिवालिक की पहाड़ी है, जो बहुत नजदीक है। इसी पहाड़ी के कोने में फाल्ट मिला है।

यानी यहां कभी न कभी भूकंप आया है, जिसके कारण पृथ्वी की आंतरिक संरचना प्रभावित हुई है। इसी संरचना प्रभाव के कारण भविष्य में कभी न कभी भूकंप आने की संभावना जागृत होती है। हालांकि 400 साल पहले पिंजौर, बद्दी क्षेत्र में भूकंप का केंद्र रहा था। उसका कनेक्शन भी इस फाल्ट लाइन से जोड़कर वैज्ञानिक देख रहे हैं।

जमीन से तीन से चार मीटर नीचे ही मिली फाल्ट लाइन
इसी तरह पंजाब के रोपड़ और पठानकोट के पास व्यास नदी में फाल्ट लाइन पाई गई है। वहीं, पंचकूला के गांव खेतपुराली में भी बड़ी फाल्ट लाइन पाई गई है। इससे यह पता चल रहा है कि यहां कभी न कभी भूकंप का केंद्र रहा था। खास बात यह है कि यह फाल्ट लाइन जमीन से महज तीन से चार मीटर नीचे ही है।

वहीं, कालका के पास स्थित थापली में भी फाल्ट लाइन मिली है। पंचकूला में मिली सभी फाल्ट लाइन का आपसी मेल वैज्ञानिक देख रहे हैं। इसकी गोपनीय रिपोर्ट केंद्र सरकार के भू विज्ञान मंत्रालय को भेजी गई है। शोध का कार्य अभी चल रहा है। बताया जा रहा है कि कई चौंकाने वाले तथ्य अभी सामने आएंगे।
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गणतंत्र दिवस की तस्वीरेंः देखिए गुपकार रोड़ से लेकर लद्दाख तक देशभक्ति के अद्भुत रंग

लदाख में भूकंप

जम्मू-कश्मीरः उपराज्यपाल ने गणतंत्र दिवस पर फहराया तिरंगा, प्रदेश के नागरिकों को दी शुभकामनाएं

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश व देश के सभी नागरिकों को शुभकामनाएं भी दी।




गणतंत्र दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के 71 अफसरों और कर्मचारियों को बहादुरी और बेहतर काम करने के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया गया। बहादुरी के लिए 52 पुलिस अधिकारियों और जवानों को पुलिस मेडल दिया गया। दो अधिकारियों को उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इनके अलावा 17 अधिकारियों और कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक दिया गया।

पुलिस मेडल पाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों में डीआइजी मोहम्मद सुलेमान चौधरी, डीआइजी विधी कुमार बिर्दी, एसएसपी संदीप चौधरी, एसएसपी ताहिर सलीम खान, एसपी जीवी संदीप चक्रवर्ती, एसएसपी अब्दुल वाहिद शाह, फॉलोवर अब्दुल्ला, एसपी आशीष कुमार मिश्रा, डीएसपी फारूक अहमद भट्ट, डीएसपी तारिक मोहम्मद, डीएसपी तारिक महमूद, डीएसपी फैयाज हुसैन शाह, डीएसपी सज्जाद अहमद मलिक, डीएसपी मशकूर अहमद, एसआइ अहमद डार, एएसआइ रियाज अहमद लोन, कांस्टेबल रशीद रसूल, एसआइ रियाज अहमद, एएसआई जगदीश सिंह, हेड कांस्टेबल हुसैन मीर, डीएसपी साहिल शर्मा, एएसआई सगीर अहमद, एसपी ताहिर अशरफ, इंस्पेक्टर जावेद अहमद, मोहम्मद इरफान, हेड कांस्टेबल ताहिर अहमद, डीएसपी शाहजहां चौधरी, एएसआई मोहम्मद रफी मलिक, सलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल रियाज अहमद बाबा, फिरदौस अहमद, कांस्टेबल रियाज अहमद, डीएसपी अरविंद कुमार, कांस्टेबल जावेद अहमद, एसआई युसूफ उमर, हेड कांस्टेबल फिरोज अहमद लोन, एसआइ जहूर अहमद वानी, हेड कांस्टेबल शमी अहमद डार, डीएसपी राकेश अकरम, इंस्पेक्टर मुदस्सर अजीज, सलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल नजीर अहमद, डीएसपी मोहम्मद इदरीज वाणी, हेड कांस्टेबल खुर्शीद अहमद, फिरोज अहमद सलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल बिलाल अहमद, दाऊद अहमद फॉलोवर बशीर अहमद शेख, एसएसपी शमशीर हुसैन, हेड कांस्टेबल खुशाल हुसैन शाह, कांस्टेबल रियाज अहमद मीर, एसआइ प्रवीण कुमार, सलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल तारिक अहमद खोजा और इंस्पेक्टर रविंदर पाल सिंह शामिल हैं।
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भारत माता के जयकारों से गूंजा लद्दाख, आईटीबीपी के जवानों ने ऐसे मनाया गणतंत्र दिवस

जम्मू-कश्मीरः डीडीसी अध्यक्ष पद चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर का ड्राफ्ट जारी

जिला विकास परिषदों (डीडीसी) के अध्यक्ष पद चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर का ड्राफ्ट जारी हो गया है। राज्य चुनाव आयुक्त की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक सांबा, कठुआ, रियासी डोडा और श्रीनगर समेत प्रदेश के 10 जिलाें में अध्यक्ष पद के चुनाव ओपन श्रेणी में होंगे। इसी तरह से जम्मू और उधमपुर को अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा है। ड्राफ्ट पर 30 जनवरी 2021 तक आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकेंगी।

सोमवार को राज्य चुनाव आयुक्त केवल कृष्ण शर्मा ने अधिसूचना जारी की। इसमें कहा गया है कि नवंबर-दिसंबर में डीडीसी सदस्यों के 278 सीटों पर चुनाव संपन्न हुए हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से 11 जनवरी को डीडीसी अध्यक्ष पद चुनाव के लिए आरक्षण नियमों का आदेश जारी किया गया है।

इन्हीं नियमों के आधार पर जनसंख्या के हिसाब से ओपन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला वर्ग के लिए आरक्षण रोस्टर का ड्राफ्ट जारी किया जा रहा है। रोस्टर पर यदि कोई आपत्ति हो तो इसे राज्य चुनाव आयोग के सचिव के पास दर्ज कराय जा सकता है। इसके लिए 30 जनवरी 2021 अंतिम तारीख होगी।
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