जिले में फिर से आतंकवाद को पुनर्जीवित करने में जुटे हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी व एक ओवर ग्राउंड वर्कर को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चीन निर्मित पिस्तौल के अलावा दो ग्रेनेड, नगदी और एके राइफल की तीन मैगजीन सहित 90 राउंड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के साथ ही आतंकियों के माड्यूल को तोड़ दिया गया है। अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
एसपी अबरार अहमद चौधरी ने बताया कि पुलिस को सूचना थी कि किश्तवाड़ में फिर से आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए आतंकी युवकों की भर्ती कर रहे हैं। दच्छन इलाके के सोंदर गांव निवासी आतंकी रमीज वानी इन दिनों शहर में सक्रिय है और कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। उसकी गिरफ्तारी के लिए किश्तवाड़ में जगह-जगह नाका लगाया गया। बाद में उसे गांव से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
उससे पूछताछ में पता चला कि शहर के पास ही डोडा जिले के चिराला तहसील के अमृतगढ़ गांव निवासी ओवर ग्राउंड वर्कर मोलवी निसार अहमद भी सक्रिय है। इसे भी गिरफ्तार किया गया है। वह दारुल उलूम उस्मानिया के मदरसे में शिक्षक है। वह मदरसे के साथ-साथ आतंकियों का सहयोग कर रहा था। इसी ने आतंकी को एक अन्य ओवर ग्राउंड वर्कर के सहयोग से हथियार मुहैया कराए थे। हथियारों के लिए हिजबुल मुजाहिदीन ने ही राशि का भुगतान किया था।
एसपी ने यह भी बताया कि हिज्ब आतंकी मोहम्मद अमीन भट उर्फ जहांगीर सरूड़ी ने रमीज वानी को नए आतंकी बनाने का काम सौंपा था। रमीज ने हाल ही में दच्छन इलाके के तीन नाबालिगों को आतंकी संगठन में भर्ती करना चाहा और कुछ दिन जंगल में भी रहा। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हए इन बच्चों को मुक्त करा लिया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में आतंकी रमीज ने कहा कि वह जहांगीर सरूड़ी के साथ तीन वर्ष से सक्रिय है। उन्होंने वर्ष 2017 में दो युवाओं इखलाक अहमद और रियाज अहमद को भर्ती कर एक पिस्तौल और दो हथगोले देकर घाटी में हमला करने के निर्देश दिए थे। वह यह काम खुद इसलिए नहीं कर रहे थे कि कहीं उनकी पहचान पुलिस को न हो जाए।
एसपी का कहना है कि जहांगीर सरूड़ी जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगलों में किसी गुफा में शरण लिए हुए है। सड़क न होने या फिर सही सूचना न मिलने के कारण वहां तक पुलिस पहुंच नहीं पा रही है। गिरफ्तारी के लिए एएसपी प्रभीत सिंह और डिप्टी एसपी डीआर मनोज कुमार को लगाया गया है।
जिले में फिर से आतंकवाद को पुनर्जीवित करने में जुटे हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी व एक ओवर ग्राउंड वर्कर को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चीन निर्मित पिस्तौल के अलावा दो ग्रेनेड, नगदी और एके राइफल की तीन मैगजीन सहित 90 राउंड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के साथ ही आतंकियों के माड्यूल को तोड़ दिया गया है। अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
एसपी अबरार अहमद चौधरी ने बताया कि पुलिस को सूचना थी कि किश्तवाड़ में फिर से आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए आतंकी युवकों की भर्ती कर रहे हैं। दच्छन इलाके के सोंदर गांव निवासी आतंकी रमीज वानी इन दिनों शहर में सक्रिय है और कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। उसकी गिरफ्तारी के लिए किश्तवाड़ में जगह-जगह नाका लगाया गया। बाद में उसे गांव से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
उससे पूछताछ में पता चला कि शहर के पास ही डोडा जिले के चिराला तहसील के अमृतगढ़ गांव निवासी ओवर ग्राउंड वर्कर मोलवी निसार अहमद भी सक्रिय है। इसे भी गिरफ्तार किया गया है। वह दारुल उलूम उस्मानिया के मदरसे में शिक्षक है। वह मदरसे के साथ-साथ आतंकियों का सहयोग कर रहा था। इसी ने आतंकी को एक अन्य ओवर ग्राउंड वर्कर के सहयोग से हथियार मुहैया कराए थे। हथियारों के लिए हिजबुल मुजाहिदीन ने ही राशि का भुगतान किया था।
एसपी ने यह भी बताया कि हिज्ब आतंकी मोहम्मद अमीन भट उर्फ जहांगीर सरूड़ी ने रमीज वानी को नए आतंकी बनाने का काम सौंपा था। रमीज ने हाल ही में दच्छन इलाके के तीन नाबालिगों को आतंकी संगठन में भर्ती करना चाहा और कुछ दिन जंगल में भी रहा। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हए इन बच्चों को मुक्त करा लिया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में आतंकी रमीज ने कहा कि वह जहांगीर सरूड़ी के साथ तीन वर्ष से सक्रिय है। उन्होंने वर्ष 2017 में दो युवाओं इखलाक अहमद और रियाज अहमद को भर्ती कर एक पिस्तौल और दो हथगोले देकर घाटी में हमला करने के निर्देश दिए थे। वह यह काम खुद इसलिए नहीं कर रहे थे कि कहीं उनकी पहचान पुलिस को न हो जाए।