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सांबा: पानी के लिए हाहाकार, सप्ताह बाद हो रही पेयजल सप्लाई

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Tue, 09 Aug 2022 05:24 PM IST
सार

सांबा में पेयजल सप्लाई ठप हो गई है। इससे हजारों उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए हैं। कई पंचायती क्षेत्रों में तो एक माह के बाद पानी मिल रहा है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

शहर के साथ पंचायती क्षेत्रों में पानी की किल्लत से हाहाकार मची है। नगर परिषद सांबा के वार्ड 2, 4, 9, 10 13,14 और वार्ड 15 के साथ नए बस अड्डा मोहल्ले मेें जलशक्ति विभाग आठ दिन बाद पानी की आपूर्ति कर रहा है। इससे हजारों उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए हैं। कई पंचायती क्षेत्रों में तो एक माह के बाद पानी मिल रहा है।


मजबूरन लोग 500 रुपये देकर टैंकर से पानी खरीद रहे हैं। कई वार्डों व गांवों की सड़कें तंग हैं, जिससे टैंकर से पानी मंगवाना भी मुश्किल हो गया है। सांबा कस्बे में पहले से ही तीन या चार दिन बाद पानी की आपूर्ति होती थी। अब विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल से किल्लत और बढ़ गई है।


नगर परिषद की उपाध्यक्ष रजनी संब्याल ने कहा की सोमवार को भी उक्त इलाकों में आठ दिन बाद पानी मिला है, जिससे लोगों में रोष है। वार्ड-4 पार्षद इंदु जमवाल ने कहा कि पानी की किल्लत को लेकर हर रोज उनके घर महिलाएं पहुंच रही है। कई बार दफ्तर में अधिकारी नहीं मिलते, फोन भी नहीं उठाते समस्या बताएं किसको। वार्ड-10 पार्षद कुमेर सिंह ने बताया कि बीते दिनों उन्होंने जलशक्ति विभाग के कार्यालय के समक्ष पानी के लिए प्रदर्शन भी किया था। तब आश्वासन दिया गया था कि जल्द आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी, लेकिन समस्या जस की तस है।

विजयपुर के गुड़ा सलाथिया, राया, सुचैनी में तीन दिन बाद पानी की आपूर्ति की जा रही है। स्थानीय निवासी प्रदीप सिंह, रघुवीर सिंह, सुभाष सिंह के अनुसार तीन दिन पानी दिया जा रहा है, जो पूरा नहीं हो पा रहा है, रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। इस बाबत विभागीय अधिकारियों को कई बार अबवगत करवा चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ।

विभाग के पास एक ही टैंकर, बसंतर दरिया पर फिल्ट्रेशन प्लांट भी बंद

जलशक्ति विभाग के पास पहले तीन से चार पानी के टैंकर होते थे, जिनसे आपूर्ति होती थी। थी अब विभाग के पास मात्र एक ही टैंकर है, ऐसे में हर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति कर पाना विभाग के लिए मुश्किल हो गया है। सांबा कस्बे के चीची माता मंदिर के पास एक फिल्ट्रेशन प्लांट था, जिससे एक लाख गैलन पानी की दिन में आपूर्ति होती थी। बाद में सिडको के प्रथम फेज में केमिकल कारखानों का पानी बसंतर दरिया में जाने से स्थानीय लोगों के विरोध पर फिल्ट्रेशन प्लांट को बंद कर दिया गया। कस्बे के उत्तर क्षेत्र में बसंतर दरिया पर एक अन्य फिल्ट्रेशन प्लांट की इमारत तीन साल से बन कर तैयार है। फंड की कमी से प्लांट में मशीनरी तक नहीं लगाई जा सकी है। यदि प्लांट चालू कर दिया जाए तो एक लाख गैलन पानी की आपूर्ति हो सकेगी।

जलशक्ति विभाग में कई पद खाली
विभागीय सूत्रों के अनुसार सांबा में जलशक्ति विभाग को दो एइई, एक सिविल व एक मैकेनिकल इंजीनियर, दो एई, 10 जेई के पद खाली हैं। जबकि विभाग के पास दो एईई और दो जेई हैं, ऐसे में विभाग का काम काज सुचारु नहीं चल पा रहा है।

अधिकारियों से मिलते हैं मात्र आश्वासन
पानी की किल्लत को लेकर लोगों में जलशक्ति विभाग के खिलाफ रोष है। सोमवार को कस्बे में आठ दिन बाद पानी की आपूर्ति की गई है। अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें भी समस्या बताई गई थी। डीसी अनुराधा गुप्ता को भी कई बार इससे अवगत है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। पवन कोहली, अध्यक्ष नगर परिषद, सांबा।

घगवाल के सांदी समलाह के बेड़ी गांव में एक माह बाद आपूर्ति
घगवाल के बीडीसी अध्यक्ष विजय टंगोत्रा ने कहा कि सांदी गांव में एक माह बाद पानी की आपूर्ति हो रही है। स्थानीय लोगों ने बीते दिनों प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि शीघ्र आपूर्ति को सुचारु किया जाएगा, लेकिन समस्या हल नहीं हुई।

वहीं, समलाह पंचायत के बेड़ी गांव की पंच पोली देवी ने कहा, उनके गांव में एक माह बाद पानी की आपूर्ति की जा रही है। जब से अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल हुई है, तब से से समस्या और विकराल हो गई है। 500 रुपये देकर टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। गांववासी ओम चौधरी ने कहा की प्रशासन पानी की सुचारु आपूर्ति करने में पूरी तरह से फेल हो गया है। आम लोग पानी को लेकर परेशान हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है।

11 लाख गैलन रोज पानी की जरूरत 2.50 लाख गैलन ही मिल रहा
सांबा कस्बे के लिए हर रोज 10 से 11 लाख गैलन की प्रतिदिन पानी की जरूरत है, जबकि उन्हें 2.50 लाख गैलन पानी ही टीडीएस से मिल पा रहा है। कई बार बिजली की कटौती के कारण समस्या बनी रहती है। मनोहर गोपाला क्षेत्र में नया ट्यूबवेल लगाया जा रहा है, जिससे 60 हजार गैलन पानी प्रतिदिन मिलेगा। नए फिल्ट्रेशन प्लांट को चलाने की भी तैयारी चल रही है। कस्बे में पानी की आपूर्ति सुचारु करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। -भारत विकास, एईई, जलशक्ति, विभाग सांबा।

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