लगातार पांचवीं बार पीडीपी की अध्यक्ष बनीं महबूबा मुफ्ती, तीन साल का कार्यकाल बढ़ा

Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 23 Feb 2021 12:27 AM IST
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लगातार पांचवीं बार पीडीपी की अध्यक्ष बनीं महबूबा मुफ्ती
लगातार पांचवीं बार पीडीपी की अध्यक्ष बनीं महबूबा मुफ्ती - फोटो : amar ujala

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पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष पद पर लगातार पांचवीं बार सोमवार को ताजपोशी हो गई। सोमवार को जम्मू और श्रीनगर में अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्वाचक मंडल ने सर्वसम्मति से उन्हें एक बार फिर अध्यक्ष चुन लिया। उनका कार्यकाल 22 फरवरी 2021 से 22 फरवरी 2024 तक के लिए होगा। महबूबा का अध्यक्ष पद का कार्यकाल 31 अक्तूबर को समाप्त हो गया था, लेकिन कोरोना के चलते चुनाव नहीं कराया जा सका था। 
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जम्मू में रिटर्निंग अफसर सुरेंद्र चौधरी की मौजूदगी में पीडीपी के गांधीनगर स्थित संभागीय मुख्यालय में हुए चुनाव में पूर्व एमएलसी यशपाल शर्मा ने अध्यक्ष पद के लिए महबूबा मुफ्ती के नाम का प्रस्ताव पेश किया। वरिष्ठ नेता भारत भूषण गुप्ता ने नाम का अनुमोदन किया। कश्मीर में गुलाम नबी लोन हंजूरा व खुर्शीद आलम ने महबूबा के नाम का प्रस्ताव किया। सभी निर्वाचक मंडल के सदस्यों ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई और महबूबा मुफ्ती को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया गया। जम्मू में रिटर्निंग अफसर सुरेंद्र चौधरी और श्रीनगर में अब्दुल रहमान वीरी की देखरेख में चुनाव हुआ। 


पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना काल की वजह से जम्मू व श्रीनगर दोनों जगह निर्वाचक मंडल की बैठकों का आयोजन किया गया और सर्वसम्मति से महबूबा मुफ्ती को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 से ही पीडीपी की कमान महबूबा मुफ्ती संभालती आ रही हैं। इससे पहले महबूबा मुफ्ती के पिता एवं पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद पीडीपी के अध्यक्ष रहे थे। 

जल्द विधानसभा चुनाव करवाने पर दिया जोर
पीडीपी नेताओं ने अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव जल्द करवाने पर जोर दिया। महासचिव सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि बाबुओं के हाथ में जम्मू-कश्मीर को सौंप दिया गया है। नागरिक सचिवालय आम लोगों के लिए बंद हैं। राजनीतिक सरकार होती थी तो वहां लोगों की लाइनें लगी रहती थीं। उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकार ही जम्मू-कश्मीर के लोगों की जन आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि जिला विकास परिषद चुनाव अगर शांतिपूर्ण हो सकते हैं तो विधानसभा चुनाव करवाने में भाजपा सरकार को आखिर क्या दिक्कत है। यह उनकी समझ से बाहर है।

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