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Jammu kashmir : हेड कांस्टेबल के 16 बैंक खातों से हुआ करोड़ों का लेन-देन, दस विदेशी नंबरों से रहा संपर्क

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 21 Sep 2022 04:37 AM IST
सार

Jammu :करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल मोहम्मद रमजान रेशी के तार विदेशों से जुड़े मिले हैं। जांच एजेंसी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि रेशी ने फर्जी दस्तावेजों से एक से अधिक पैन कार्ड और पासपोर्ट हासिल किये।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल मोहम्मद रमजान रेशी के तार विदेशों से जुड़े मिले हैं। जांच एजेंसी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि रेशी ने फर्जी दस्तावेजों से एक से अधिक पैन कार्ड और पासपोर्ट हासिल किये। खुद को कारोबारी बता रेशी खाड़ी देशों में भी गया था। उसके 16 बैंक खातों से छह करोड़ का लेनदेन हुआ है। आरोपी दस विदेशी फोन नंबरों के लगातार संपर्क में रहा है। ऐसे में रेशी के तार आतंकवाद से जुड़े होने से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। मंगलवार को जम्मू के आबकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में रेशी की जमानत अर्जी को इन्हीं आरोपों के आधार पर खारिज कर दिया गया।



आबकारी मजिस्ट्रेट जम्मू उमेश शर्मा ने जमानत अर्जी पर दोनों पक्ष सुनने के बाद कहा कि पुलिस में हेड कांस्टेबल रेशी के नाम पर 16 बैंक खाते हैं, जिनमें 6 करोड़ रुपये का लेनदेन और 10 विदेशी मोबाइल नंबरों पर रेशी से संपर्क रहा है। जांच अधिकारी ने आरोपी के मूवमेंट पैटर्न का भी पता लगाकर पाया है कि आरोपी ने मुंबई, उत्तर प्रदेश, गोवा सहित देश के कई हिस्सों का दौरा किया है और वीपीएन सहित कई मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया है।


मामले की जांच चूंकि प्रारंभिक चरण में हैं, लिहाजा इस मामले में फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती। वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि रेशी के खिलाफ इसी साल मामला दर्ज किया गया था। जब जांच की गई तो न सिर्फ करोड़ों की धोखाधड़ी बल्कि दस्तावेजों में फर्जीवाड़े से लेकर खुद को कारोबारी और गृह मंत्रालय में पैठ रखने वाला बताकर उसने कई लोगों को चपत लगाई। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रेशी ने पासपोर्ट बनवा लिया, जिसके बूते वह मिडिल ईस्ट के देशों तक पहुंच गया।

अभियोजन ने आतंकी कनेक्शन का दिया हवाला
जांच एजेंसी की ओर से बताया गया कि रेशी का रिश्तेदार भाई बशीर अहमद मीर तहरीक उल मुजाहिदीन का आतंकी था, जिसने 2001 में आत्मसमर्पण कर दिया था। मीर ने 2016 में रियल एस्टेट का काम शुरू किया और कमीशन के आधार पर लाखों रुपये कमाए। वहीं, रेशी ने विदेश जाकर कई ऐसे हाई प्रोफाइल लोगों से संपर्क साधा जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के जरिये माहौल खराब करने पर उतारू हैं। वहीं, रेशी के कई साथियों का पकड़ा जाना भी अभी बाकी है। ऐसे हालात में जमानत देना मुकदमे और देश की सुरक्षा के लिए खतरा होगा।  

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