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एक बार फिर चर्चा में जम्मू की जेल: सीआईडी की छापेमारी ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 15 Jul 2021 01:02 PM IST

सार

सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन बरामद होने के बाद जेल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचे, ये बड़ा सवाल है।
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सेंट्रल जेल जम्मू, कोट भलवाल
सेंट्रल जेल जम्मू, कोट भलवाल
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विस्तार

कोट भलवाल जेल पर हुई सीआईडी की कार्रवाई किसी सर्जिकल स्ट्राइक से कम नहीं। बुधवार आधी रात 40 अफसरों ने 260 पुलिस कर्मियों के साथ औचक जेल में छापा मारा और एक-एक कैदी को जगाकर हर बैरक की तलाशी ली। इस पूरे ऑपरेशन में एक एडीजीपी, एक डीआईजी, तीन एसएसपी, तीन एसपी, 25 इंस्पेक्टर, 10 डीएसपी शामिल रहे। यह सब लोग सबसे पहले सीआरपीएफ के बन तालाब स्थित ग्रुप सेंटर में इकट्ठा हुए, वहां से फिर एक साथ सीआरपीएफ की टुकड़ी के साथ जेल में दाखिल हुए। 
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कोट भलवाल सेंट्रल जेल अपराधियों और आतंकियों के लिए अपना नेटवर्क चलाने की मुफीद जगह बन गई है। खासकर गैंगस्टर अंदर बैठकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं। कई बार ऐसा खुलासा हो चुका है। नागर सिंह उर्फ नागो के घर हुए हमले में पुलिस ने 15 हमलावरों पर केस दर्ज किया था। इस हमले की प्लानिंग रायल सिंह ने जेल में बैठकर की थी। उसने एक जेल कर्मी के साथ मिलकर यह प्लान बनाया और अपने गुर्गों से हमला करवाया। रायल सिंह अमनदीप हत्याकांड में शामिल है। रायल ने नागो के बेटे के साथ मिलकर अमनदीप की हत्या की थी। अमनदीप हत्याकांड में अब रायल सिंह ही बचा है। 


सवालों के घेरे में जेल प्रशासन
कोट भलवाल ही नहीं, बल्कि श्रीनगर की सेंट्रल जेल भी सवालों के घेरे में रही है। पहले श्रीनगर की सेंट्रल जेल में आतंकियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य सामान मिलता था। यहां एनआईए ने 2018 में पुलिस, सीआरपीएफ के साथ मिलकर छापा मारकर 25 मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पाकिस्तानी झंडे बरामद किए थे। इसके बाद श्रीनगर जेल से कई आतंकियों और अपराधियों को वहां से शिफ्ट कर तिहाड़ और कठुआ की जेल में भेजा गया। अब कोट भलवाल जेल में भी यह सब होने लगा है।

डेढ़ साल पहले भी जेल में जैश के आतंकी के पास मिला मोबाइल
पुलिस ने 11 अप्रैल 2020 को कोट भलवाल जेल में बंद जैश ए मोहम्मद के आतंकी अब्दुल रहमान मुगल से भी मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया था। दरअसल, इसके एक दिन पहले ही पुलिस ने आरएस पुरा के चकरोई गांव से जैश ए मोहम्मद के ओजी वर्कर हंदबाड़ा के रहने वाले मोहम्मद मुज्जफर बेग को पकड़ा था। जिसका कनेक्शन जेल में बंद उक्त आतंकी से था। इसके बाद पुलिस ने जेल में छापा मारकर अन्य कैदी फरहान फैयाज निवासी बारामूला और आरएस पुरा के रहने वाले दीपक सिंह के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड समेत चार्जर, हेडफोन और मेमोरी कार्ड भी बरामद किए। अभी तीन महीने पहले ही सीआईडी ने जेल में छापा मारकर सात मोबाइल फोन बरामद किए थे। अब यह तीसरी घटना है।

जेल में जैमर तक नहीं
सूत्रों के अनुसार अति संवेदनशील जेल होने के बावजूद इसमें जैमर नहीं लगे हुए। जेल में 2जी मोबाइल को जाम करने वाला जैमर लगा हुआ है। लेकिन इस समय 4जी चल रहा है, ऐसे में यह जैमर किसी काम के नहीं हैं। इतना कुछ होने के बाद भी जेलों में जैमर नहीं लग पाना जेल प्रशासन की अव्यवस्था को उजागर करता है।

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