बार का सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम

Jammu Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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जम्मू। वकील को अवैध हिरासत में रखने के खिलाफ गांधीनगर एसएचओ के निलंबन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही बार एसोसिएशन ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। बार एसोसिएशन ने इस दौरान कोर्ट परिसर में धरना, शाम को मशाल जुलूस और अदालतों में कामकाज ठप रखने की घोषणा की है।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एमके भारद्वाज ने बंद को सफल करार देते हुए कहा कि 72 घंटे तक सरकार ने एसएचओ समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड नहीं किया, तो वह सभी संगठनों से बैठक करके अगली रणनीति तैयार करेंगे। उनके अनुसार एक हड़ताल से शुरू हुआ प्रदर्शन अब जन-जन की आवाज बन चुका है। पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाई है और मामला भी दर्ज करके सिविल सोसायटी और आम जनता को चुनौती दी है।
शाम को सभी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान बार अध्यक्ष ने कहा कि बंद का जिस तरीके से रिस्पांस आया है, उससे साफ है कि आम जनता भी पुलिस की ज्यादतियों से तंग है। एक बार फिर जम्मू की जनता ने दिखा दिया है कि वह अपनी आवाज को दबने नहीं देंगे। पुलिस मानव अधिकारों का खुलेआम हनन कर रही है।
किसी भी तरीके से आंदोलन वापस नहीं होगा। सरकार को एक बार फिर से समय दे रहे हैं कि वह 72 घंटे के अंदर फैसला करे और एसएचओ गांधीनगर अरुण जंवाल और दो अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करे। कोई भी आर्डर अगर मिलेेगा तो सबसे पहले आंदोलन करने वाले संगठनों की बैठक के समक्ष उस आर्डर को रखा जाएगा। उसके बाद बार की जनरल हाउस अंतिम फैसला करेगी। वहीं, शहर के सिनेमा घर भी बंद रहे। हालांकि अधिकांश सिनेमा घरों में आखिरी शो ही चलाया।

कहीं टायर जले, कहीं हुई तोड़फोड़
कालेज और विश्वविद्यालय में भी बंद का असर रहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बंद को सफल बनाने के लिए वकीलों ने हर संभव प्रयास किया। कई जगहों पर टायर जलाए और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की। अदालतों में भी सोमवार को कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस बीच, कुछ स्कूल खुले रहे, जबकि कालेज व विश्वविद्यालय में भी बंद का असर रहा।
सुबह आठ बजे वकीलों ने जानीपुर हाईकोर्ट रोड बंद कर दिया। एक गुट ने अंबफला में प्रदर्शन किया और सार्वजनिक वाहनों को बंद कराने का प्रयास किया। सुुबह से ही बंद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। पुलिस ने बंद को असफल बनाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और आम जनता में भ्रांतियां फैलाने का प्रयास किया। कुछ जगह पर सुबह दुकानें खुलने लगीं तो वकीलों की रैली को देखकर बंद कर दीं। वाहन को भी वकीलों ने बंद करवा दिया। ज्यूल चौक, विक्रम चौक, सतवारी चौक, जानीपुर रोड पर टायर जलाकर रास्ता बंद कर दिया गया। कई जगह गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। पुराने शहर में बंद का व्यापक असर देखा गया। लाठियां लिए प्रदर्शनकारी गाड़ियों में घूमते रहे और लोगों से बंद करने की अपील की। बंद को चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री, भाजपा, पैथर्स पार्टी, कांग्रेस, शिव सेना, हिंदू शिव सेना, जेपीपीएफ, एनएसयूआई, एबीवीपी, ट्रेडर्ज एसोसिएशन आदि संगठनों का समर्थन था।

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