‘तीन तिलंगे’ में दिखी हकीकत

Jammu Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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जम्मू। नटरंग की ओर से संडे थियेटर के तहत हिंदी नाटक तीन तिलंगे का मंचन किया गया। विनोद कुमार द्वारा लिखित नाटक में निर्देशन नीरज कांत का था। नाटक की कहानी आज के युवाओं पर आधारित थी। नाटक में दिखाया गया कि आज का युवा अपने सपनों को पूरा करने के केवल सपने देखता है, जबकि जमीनी स्तर पर उसको हासिल करने के लिए वह कुछ खास नहीं करता है। यही नहीं, अगर देश को आगे लेकर जाना है तो युवाओं को रोजगार देना ही होगा। नाटक की कहानी तीन बेरोजगार युवाओं पर आधारित होती है जो लंबे अरसे के बाद एक टी स्टाल पर मिलते हैं। तीनों जब आपस में बात करते हैं तो पता चलता है कि तीनों के पास काम के नाम पर कुछ नहीं है। वह केवल अपने सपनों की चिंता करते हैं, जबकि जीवनयापन के लिए वह कुछ नहीं करते हैं। तीनों में से एक राजनेता, दूसरा अभिनेता और तीसरा उद्योगपति बनना चाहता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही होती है। आखिरकार, हालात का परिणाम तनाव और ईर्ष्या लेकर आता है। अगर कोई एक विकास करता भी है तो दूसरा उसको पीछे लाने के लिए पूरी ताकत झोंक देता है। नाटक में सईद मुदस्सर अली शाह, राजन ठकयाल, सुशील रैना, नामित दुबे, वरुण शार्म, महीक्षित सिंह लंगेह, वृंदा बख्शी और सचिन सैनी ने विभिन्न भूमिकाएं निभाईं।
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