टूरिस्ट बसों पर एंट्री टैक्स का फैसला बरकरार

Jammu Updated Sat, 23 Nov 2013 05:43 AM IST
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जम्मू। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने आल इंडिया टूरिस्ट बसों पर एंट्री टैक्स लगाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। टूरिस्ट बसों (डीलक्स कोच) के मालिकों की नौ याचिकाओं का एक साथ निपटारा करते हुए न्यायाधीश हसनैन मसूदी ने पाया कि सरकार ने दो हजार रुपये प्रति बस एंट्री टैक्स लगाया है। जो सही है। याचिका के अनुसार याची जम्मू कश्मीर और राज्य से बाहर आने जाने वाले टैक्सी आपरेटर, टूरिस्ट बस मालिक, आल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस कोच आपरेटर हैं। उनकी गाड़ियां राज्य के बाहर भी श्रद्धालुओं और पर्र्यटकों को लाने ले जाने का काम करती हैं। सरकार ने मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट 1957, जम्मू कश्मीर मोटर व्हीकल्स संशोधन एक्ट 2002 में शेड्यूल जारी करके आल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल पर प्रतिदिन प्रति गाड़ी दो हजार रुपये प्रवेश टैक्स लगा दिया। याची सरकार के 30 मई 2002 में जारी एसआरओ 196 से बुरी तरह प्र्रभावित हैं। जम्मू कश्मीर मेें किसी भी जगह सड़क का उपयोग करने पर दो हजार रुपये प्रतिदिन देने के आदेश वापस हो। संशोधन के बाद अधिसूचना जारी करना जम्मू कश्मीर मोटर व्हीकल एक्ट 1957 की धारा 3 के तहत सही नहीं है। वकील केएस जोहल, डब्लयूएस नरगाल, विजय गुप्ता की दलीलों के न्यायाधीश हसनैन मसूदी ने पाया याचिका में कोई मेरिट नजर नहीं आ रहा है। प्रतिवादी पक्ष सरकार को खुली छूट है कि वह दो हजार रुपये प्रवेश टैक्स रिकवर करे। कोई टैक्स कोर्ट रजिस्ट्री में जमा है तो वह सरकार के पक्ष में जारी हो। जेएनएफ
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