सीमा पर पाकिस्तानी सेना की हरकतें तेज हुईं

Jammu Updated Thu, 24 Oct 2013 05:42 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
विधिपुर (आरएस पुरा)। सीमा पर पाकिस्तानी सेना की हलचल बढ़ गई है। पाक द्वारा लगातार गोलाबारी के बाद सीमांत गांवों के ग्रामीण इसे बड़ा खतरा बता रहे हैं। पाक ने बार्डर पर सैनिकों का जमावड़ा भी बढ़ाया है। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार श़िदे के दौरे से सीमा और एलओसी पर शांति की संभावना जगी थी लेकिन अब हालात और बिगड़ गए हैं। पाकिस्तान ने भारतीय ग्रामीणों को टारगेट पर लेकर अपना इरादा जाहिर कर दिया है।
विज्ञापन

विधिपुर गांव में बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता है लेकिन अंदर दहशत के दानव का खौफ है। गांव की गलियों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखते हैं। गांव के अंतिम छोर पर बीएसएफ की पोस्ट है जो मंगलवार को रातभर पाकिस्तानी गोलों से जूझता रहा है। खेतों में पाकिस्तानी मोर्टार के गोलों के अवशेष पड़े हैं। मकान में एक भी घर कच्चा नहीं है। सभी घर पक्के हैं। इससे गांव की खुशहाली का अंदाजा लगाया जा सकता है। बासमती धान लहलहा रहे हैं लेकिन उसे खलिहानों तक लाने में पाकिस्तानी गोलों का भय सताता है। गांव की खुशहाली पर पाक के आतंक का साया है।
विधिपुर से अब्दुल्लियां के रास्ते में वीडीसी मोहन लाल मिलते हैं। उनका कहना है कि तवी से लेकर एएमके पोस्ट तक हर जगह रातभर गोलाबारी हुई है। चिनाज पोस्ट पर तो एक जवान शहीद भी हो गया और सात घायल हुए। बेगा, बैरा और वासपुर बंगला जगह के नाम अलग-अलग हैं लेकिन हर स्थान पर एक जैसा ही खौफ है। अब्दुल्लियां गांव के बाबू सिंह का कहना है कि भगवान का शुक्र है कि इस ओर छोटे गोले ही आए। आकाश गोलों के धमाके से उठी रोशनी से जगमगा रहा था लेकिन लोगों के मन में डर का अंधेरा था।
पाक गोलों की मार इतनी घातक है कि सीमेंट की ढलाई वाली छतें भी टूट रही हैं। घर और खलिहानों में मौत का डर पसरा है। इस बार गोलाबारी के बाद प्रशासन फिर से सक्रिय दिखने लगा है लेकिन इससे पहले 9 जनवरी 1998 को पाक की गोलाबारी में घायल होकर विकलांग हो चुके संतोख सिंह को अब तक सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली। संतोख के बाई स्वर्ण सिंह कहते हैं कि जख्मी भाई बिस्तर पर ही पड़ा रहता है। सरकार ने उसकी सुध नहीं ली। इस मंगलवार की गोलाबारी के बाद रात के ढाई बजे बीएसएफ के लोग आकर गांव वालों को ढांढस बंधा गए। पिंडी चाड़का कलां गांव के राकेश कुमार और राकी सिंह प्लस टू के छात्र हैं। उनकी चिंता है कि पाकिस्तानी सेना को गोलाबारी से स्कूल कालेज भी बंद हो रहे हैं, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us