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छात्रों पर एग्जामिनेशन एंजाइटी हावी

Jammu Updated Mon, 28 Jan 2013 05:30 AM IST
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जम्मू। परीक्षाएं नजदीक आते ही विद्यार्थियों पर तनाव हावी होने लगा है। परीक्षाओं के डर से छात्र एग्जामिनेशन एंजाइटी का शिकार हो रहे हैं। विद्यार्थियों में घबराहट, चिल्लाना, हाथ पांव फूलना आदि गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। मनोचिकित्सकों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में अभिभावकों को अहम भूमिका निभानी चाहिए।
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परीक्षाएं नजदीक आते ही कई बच्चों को फेल होने का डर सताने लगता है। इस डर में तनाव उस समय घुसपैठ कर जाता है जब उस पर क्षमता से ज्यादा अपेक्षाएं थोप दी जाती हैं। बस फिर क्या एक बेवजह का वहम दिल में बैठ जाता है। साइक्रेटरी अस्पताल के एचओडी मनोचिकित्सक डा. जगदीश थापा के अनुसार, परीक्षा के कारण तनाव के ताजा मामलों में शहरी इलाकों की छात्राएं ज्यादा प्रभावित हुई हैं। इनमें 12वीं के विद्यार्थी ज्यादा तनाव में हैं। इसका मुख्य कारण 12वीं के बाद कैरियर को लेकर उनकी चिंताएं बढ़ना है। परीक्षाएं नजदीक आने पर साइक्रेटरी अस्पताल में ऐसे बच्चों का पहुंचना शुरू हो जाता है।
इनमें शहरी बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने का मुख्य कारण जागरूकता होने के साथ ज्यादा प्रतिस्पर्धा होना है। इसमें हर अभिभावक अपने लाडलों को डाक्टर और इंजीनियर बनना ज्यादा देखते हैं। जबकि कई मामलों में उनके बच्चों में इस लक्ष्य पर कोई रुचि नहीं होती है। नतीजतन ऐसी स्थिति में परीक्षाएं पास आने पर सारा तनाव बच्चे पर आ जाता है। इसमें बच्चे को सबसे ज्यादा डर परीक्षा में बैठने पर पाठ्यक्रम के भूल जाने का रहता है। इन बच्चों में होनहार बच्चे भी ज्यादा प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनसे अभिभावकों और स्कूल की अपेक्षाएं हद से ज्यादा रहती हैं। तनाव का सारा असर परीक्षाओं पर रहता है।
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