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महिलाओं पर भी बरसाई लाठियां, चार जख्मी

Jammu Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रंट कार्यकर्ताओं पर शनिवार को भी जम्मू पुलिस का कहर बरपा। विधानसभा के वेल में कूदने वाले तीन सहयोगियों की रिहाई की मांग कर रही महिला प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। महेशपुरा चौक में जब महिला प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए, तो रिहाड़ी पुलिस पोस्ट की सब इंस्पेक्टर नीलम सैनी के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने उन पर ऊपर से आर्डर की बात कहते हुए लाठीचार्ज कर दिया। इससे चार महिलाएं और एक युवक घायल हो गए। पुलिस प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की भी तैयारी में है।
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घायलों को तुरंत जीएमसी में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां पर विनू खन्ना की टांग में डाक्टरों ने फ्रैक्चर बताते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया। जेकेडीएफ कार्यकर्ताओं के मुताबिक विनू खन्ना की टांग टूटने की जानकारी मिलते ही बख्शी नगर पुलिस की सलाह पर बाद में लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों ने भी एमएलसी कराया। इस दौरान एसआई नीलम सैनी ने भी जीएमसी की इमरजेंसी में चेकअप कराया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राकेश गुप्ता ने कहा कि लगातार सरकार और पुलिस जेकेडीएफ की आवाज को कुचल रही है, जबकि जेकेडीएफ रियासत के बेरोजगार युवाओं के प्रति माह दो हजार रुपये भत्ते की मांग कर रहा है। राष्ट्रभक्त युवाओं से भेदभाव हो रहा है। पत्थरबाजों और जूता फेंकने वालों को आम माफी दी गई है। आतंकियों को पुनर्वास नीति के तहत राहत दी जा रही है। इस स्थिति में जम्मू का युवा वर्ग क्या करेगा। राकेश गुप्ता ने कहा कि जेकेडीएफ के तीन युवा कार्यकर्ताओं ने रियासत के छह लाख बेरोजगार युवाओं की आवाज को विधानसभा में जाकर बुलंद किया है। लिहाजा उनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला नाजायज है। राकेश गुप्ता ने बख्शी नगर पुलिस खासकर एसआई नीलम सैनी द्वारा महिलाओं पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा की है।

उधर, डोगरा लिब्रेशन फ्रंट और संग्राम सेना ने जम्मू कश्मीर रियासत में बेरोजगार युवाओं की हालत को बयां करने के लिए विधानसभा में घुसने वाले तीन युवाओं को जेल से रिहा किये जाने की मांग की है। शनिवार को फ्रंट की बैठक प्रधान रामपाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें तीनों युवाओं को तत्काल रिहा करने पर जोर दिया गया। संग्राम सेना के प्रधान राम रतन शर्मा ने भी युवाओं को रिहा किये जाने की मांग करते हुए जम्मू के सभी संगठनों से अपील की कि वह जम्मू के हितों के लिए युवाओं की रिहाई के लिए सरकार पर दबाव बनाए। इस अवसर पर कपिल देव शर्मा, पिंकी बंदराल, गुरमीत सिंह, कुलदीप राज और सतपाल शर्मा भी मौजूद रहे।

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