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जेकेडीएफ का सरकार विरोधी मोर्चा

Jammu Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। विधानसभा के वेल में कूदने वाले जेकेडीएफ कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज किए जाने का फ्रंट कैडर ने विरोध किया है। शुक्रवार को जम्मू वेस्ट के जानीपुर इलाके में जेकेडीएफ कार्यकर्ताओं ने नेकां-कांग्रेस साझा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर जम्मू डिवीजन आधारित विपक्षी दलों पैंथर्स पार्टी, जम्मू स्टेट मोर्चा और भाजपा की खामोशी को संदिग्ध करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जम्मू के हितैशी बने उक्त विपक्षी दलों को जवाब देना चाहिए कि क्या वेल में कूदने वाले मुनीश खजूरिया, आंबेडकर गुप्ता और सनी महाजन डोगरा अथवा जम्मू डिवीजन के सदस्य नहीं हैं। जानीपुर में हुए इस सिलसिले में प्रदर्शन का नेतृत्व जेकेडीएफ के सीनियर नेता सुरेंद्र शर्मा ने किया। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि जब जम्मू के तीन युवकों ने रियासत के बेरोजगारों के हित में सदन में आवाज उठाई, तो भाजपा, पैंथर्स और जस्मो आदि विधायकों का एसिड टेस्ट था, जिसमें वह फेल साबित हुए। जेकेडीएफ के युवा नेता प्रशांत पूरी का कहना था कि भाजपा, पैंथर्स और जस्मो के अलावा जम्मू डिवीजन के सत्ता पक्ष से संबंधित विधायकों की खामोशी संदिग्ध है।
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विधानसभा में सिवाय प्रो. चमन लाल गुप्ता और उनके समर्थित विधायकों के अलावा जम्मू के अन्य किसी भी विधायक ने जेकेडीएफ के तीनों कार्यकर्ताओं को माफी दिलवाने को स्पीकर के समक्ष आवाज नहीं उठाई। प्रशांत पुरी ने कहा कि इससे साफ हो गया है कि जम्मू के नाम पर सियासत करने वाले इन दलों का स्थानीय युवा वर्ग के साथ कितना प्रेम है। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों में शामिल नेताओं राम कुमार और श्रुति खजूरिया आदि ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक फ्रंट के युवा कार्यकर्ता रिहा नहीं होते, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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