बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या आपके बनते काम बिगड़ने लगे हैं, करवायें नवग्रह पूजा  - फ्री, रजिस्टर करें
Myjyotish

क्या आपके बनते काम बिगड़ने लगे हैं, करवायें नवग्रह पूजा - फ्री, रजिस्टर करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

जम्मू-कश्मीर : कई गांवों का संपर्क कटा, मचैल सेक्टर में फंसे 300 से ज्यादा लोग

दच्छन में बादल फटने से पूर्व मचैल सेक्टर में भी बाढ़ ने कहर बरपाया। गनीमत रही कि मचैल यात्रा पर रोक लगा दी गई थी, जिससे बड़ी त्रासदी होने से बच गई। बाढ़ से दरियाई नालों पर बने पांच पुल बह गए हैं। इससे गांवों का आपसी संपर्क कट गया है। इलाके में बिजली भी गुल हो गई है।

300 से ज्यादा लोग अलग-अलग जगहों पर अभी भी फंसे हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। प्रशासन के अनुसार राशन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वैकल्पिक संपर्क मार्ग बनाकर फंसे लोगों को अपने घरों तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

दच्छन के होंजड़ गांव में बुधवार तड़के 4:30 बजे बादल फटने से तबाही मची, लेकिन पाडर के मचैल सेक्टर में मंगलवार देर शाम से ही भीषण बाढ़ आ गई थी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीमों ने पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से मंगलवार शाम से ही लोगों को सुरक्षित इलाकों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया।

मचैल सेक्टर के एसडीएम वरणजीत चाढ़क ने बताया कि बाढ़ की सूचना मिलने पर मंगलवार सात बजे से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया था। पुलिस और स्थानीय लोगों की टीमें बनाई गईं। तड़के तीन बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन चला। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी व्यक्ति खतरे वाली जगह पर न रहे।

गुलाबगढ़ में ठहराए गए 320 लोग
गुलाबगढ़ के अलग-अलग इलाकों में 320 लोग सुरक्षित स्थानों पर ठहराए गए हैं। मचैल यात्रा मार्ग पर भी 50 के करीब लोग मौजूद हैं, जो सुरक्षित हैं। यात्रा पर रोक लगाई गई थी, जिससे बड़ी त्रासदी टल गई। अब गांवों को वैकल्पिक संपर्क सुविधा देने के प्रयास चल रहे हैं, जिसमें कुछ समय लग सकता है।
... और पढ़ें
किश्तवाड़ में हादसा किश्तवाड़ में हादसा

जम्मू संभाग में बदल रहा बरसात का पैटर्न, दिन घटे लेकिन ज्यादा हो रही बारिश

जम्मू-कश्मीर में कभी सूखे जैसे हालात बन रहे हैं तो कभी मूसलाधार बारिश या बादल फटने से बाढ़ के कारण तबाही हो रही है। खासकर जम्मू संभाग के मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव ने वैज्ञानिकों को भी चिंता में डाल दिया है। पिछले नौ सालों से मौसम अपने सामान्य क्रम से नहीं चल रहा। बारिश के दिन घट रहे हैं लेकिन बादलों से बरसने वाले पानी का पैमाना बढ़ रहा है। इस साल जुलाई माह में हुई बारिश ने जम्मू संभाग के कई जिलों में कहर बरपाया है।

हाल के वर्षों में किए गए अध्ययन के अनुसार मानसून सीजन में जम्मू संभाग में औसतन 63 दिन बारिश होती है। लेकिन हैरत की बात है कि अब दिन घटकर 55 से 57 तक सिमट रहे हैं। बरसात की अवधि कम हो रही है, लेकिन बारिश सामान्य से कहीं ज्यादा हो रही है। मौजूदा सीजन में रियासी के कटड़ा, उधमपुर, सांबा एवं कठुआ में सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश हुई है। उधमपुर में बारिश वाले 20 दिनों में रिकॉर्ड 830.3 एमएम पानी बरस चुका है। 

इसी तरह से सांबा जिले में 12 दिन की बारिश में 505 एमएम, कठुआ में 9 दिन की बारिश में 316.6 एमएम और कटड़ा में 19 दिन की बारिश में 544.8 एमएम पानी बरस चुका है। शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में एग्रोमेट डिवीजन के प्रभारी और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह के अनुसार जम्मू संभाग के मौसम में आई तब्दीली सामान्य नहीं है। 

यह जलवायु परिवर्तन भी नहीं है क्योंकि जलवायु परिवर्तन के लिए तीस वर्ष तक के मौसम का अध्ययन और आंकडे़ जरूरी होते हैं। जम्मू संभाग में वर्ष 2012 के बाद से बारिश के दिनों में कमी और कम दिनों में ज्यादा पानी बरसने का ट्रेंड सामने आ रहा है। वर्ष 2014 के सितंबर में बारिश से जो तबाही मची थी, उसके पीछे भी जलवायु उतार-चढ़ाव ही वजह थी। 

कम्यूलोनिंबस प्रकार के बादल मचाते हैं तबाही
बादलों को हाई, मिड और लो श्रेणी में बांटा गया है। जमीन की सतह से सबसे नजदीक वाले बादल कम्यूलोनिंबस कहलाते हैं। यह बादल उस जगह बनते हैं जहां पहाड़ की सीधी ढलान हो। यह बादल एक ही जगह इकट्ठा होकर जलकणों को एक साथ छोड़कर बाढ़ का सबब बनते हैं। इसी प्रक्रिया को क्लाउड बर्स्ट या बादल फटना कहते हैं। बादलों की जितनी ज्यादा ऊंचाई होगी, बारिश उतनी कम होती है। इसी तरह से सतह के जितने नजदीक हों, यह बादल एकसाथ ज्यादा पानी बरसाकर कहर बरपाते हैं।
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ गुफा के पास फटा बादल, बीएसएफ और सीआरपीएफ के कैंप तबाह

अमरनाथ गुफा के पास बुधवार को बादल फटने की सूचना है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस घटना में बीएसएफ और सीआरपीएफ के कैंप को नुकसान हुआ है। हालांकि किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त बादल फटा उस समय कोई भी श्रद्धालु गुफा के अंदर मौजूद नहीं था।



एक अधिकारी ने बताया कि इसमें किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है और ना ही कोई घायल हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले से ही गुफा के पास एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात हैं और एक अतिरिक्त टीम को गांदरबल से रवाना कर दिया गया है। बता दें कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा स्थगित होने के चलते गुफा पर कोई यात्री मौजूद नहीं है। केवल श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी वहां तैनात हैं। 

इस साल 28 जून से शुरू होनी थी अमरनाथ यात्रा
इस साल अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू होकर 22 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन कोरोना की वजह से इसे लगातार दूसरे साल रद्द कर दिया गया। बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा पहलगाम से 46 किमी और बालटाल से 14 किमी दूर है। अमरनाथ की गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग बनता है। यह सबसे कठिन तीर्थ यात्राओं में से एक है। यहां मौसम खराब रहता है। ऑक्सीजन की कमी रहती है। भूस्खलन और भारी बारिश का खतरा बना रहता है।

लगातार दो सालों से रद्द है यात्रा
कोरोना वायरस के चलते जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को बीते दो साल से लगातार रद्द कर रखा है। यदि यह यात्रा संचालित होती तो माना जा रहा है कि इस हादसे में बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान हो सकता था। 

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की आज दूसरी बड़ी घटना
बता दें कि किश्तवाड़ में सुबह 4.30 बजे बादल फटने के बाद बाढ़ आ गई। जिसमें हुंजर गांव के छह घर और एक राशन स्टोर बह गए। इसमें करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अभी तक सात लोगों के शव निकाल लिए गए हैं और 17 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है जिनमें से पांच की हालत गंभीर है।

जिला उपायुक्त किश्तवाड़ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि सात शव निकाले जा चुके हैं। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की ओर से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। किश्तवाड़ से एसडीआरएफ की टीम मौके पर है, जबकि जम्मू, उधमपुर और श्रीनगर से टीमों को घटनास्थल तक एयरलिफ्ट करने के लिए मौसम बाधा बना हुआ है।
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: रामबन में लगातार हो रही बारिश से चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट

भारी बारिश के चलते चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से रामबन जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से मना किया है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम विभाग ने दो दिन बारिश होने की संभावना जताई है। 
 

किश्तवार में बादल फटने स सात की मौत, 14 लापता
किश्तवाड़ जिले में लद्दाख से सटे दच्छन और पाडर में तीन जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। बुधवार तड़के 4.30 बजे बादल फटने से दच्छन क्षेत्र के होंजड़ गांव के करीब 38 लोग मलबे में दब गए या बह गए। इनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 अभी तक लापता हैं। 17 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। इनमें पांच की हालत गंभीर है। आसमान से आई इस आफत में 21 मकान ध्वस्त हो गए हैं, जबकि पांच पुल और दो होटल बह गए हैं। करीब दो दर्जन पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त होने के साथ फसलें और जमीन भी बह गई है। पुलिस, सेना और एसडीआरएफ रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। पंजाब से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है। बादल फटने की घटनाओं के बाद चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। 

छह मृतकों के नाम
सजा बेगम निवासी होंजड़ दच्छन, रकीला बेगम (खानाबदोश), गुलाम नबी निवासी होंजड़ दच्छन, अब्दुल मजीद निवासी होंजड़ दच्छन, जैतूना बेगम (खानाबदोश), तौसीफ इकबाल निवासी होंजड़ दच्छन

पीएम और शाह ने एलजी से की बात
किश्तवाड़ में बादल फटने से हुई तबाही को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पीएम स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उपराज्यपाल प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली है। पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूरा अमला हर संभव प्रयासों से राहत कार्य में जुटा है।

रेस्क्यू कार्य में मौसम बना बाधा
खराब मौसम रेस्क्यू कार्य में भी खलल डाल रहा है। रेस्क्यू दल घंटों एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे। प्रभावित क्षेत्र से सड़क संपर्क काफी दूर है, जहां तक पहुंचने के लिए तीन घंटे का पैदल सफर है। खराब मौसम से रेस्क्यू दल समय से एयरलिफ्ट भी नहीं किए जा सके।
... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में बादल फटने से सात की मौत, महबूबा ने कहा भाजपा और ईस्ट इंडिया कंपनी में नहीं कोई फर्क समेत पढ़े प्रदेश की पांच बड़ी खबरें

चिनाब नदी में बढ़ा जलस्तर

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुबह 4.30 बजे बादल फटने के बाद बाढ़ आ गई। जिसमें हुंजर गांव के छह घर और एक राशन स्टोर बह गए। इसमें करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अभी तक सात लोगों के शव निकाल लिए गए हैं और 17 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है जिनमें से पांच की हालत गंभीर है। जिला उपायुक्त किश्तवाड़ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि सात शव निकाले जा चुके हैं। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की ओर से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। किश्तवाड़ से एसडीआरएफ की टीम मौके पर है, जबकि जम्मू, उधमपुर और श्रीनगर से टीमों को घटनास्थल तक एयरलिफ्ट करने के लिए मौसम बाधा बना हुआ है। जिला उपायुक्त के अनुसार हुंजर के अलावा लंबार्ड क्षेत्र में दो और बादल फटे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.....

जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर से भाजपा पर निशाना साधा है। मुफ्ती ने कहा कि भाजपा और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच फर्क नहीं है। महबूबा का कहना है कि दोनों में यह सम्मानता है कि दोनों अपने देश के लोगों पर शक करते हैं और इज़राइल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर चोरी छिपे लोगों की बातें सुनते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.....

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में भी बुधवार सुबह दो गांवों में बादल फटने की सूचना मिली है। बादले फटने के बाद नालों में आए उफान के कारण मिनी हाडड्रोपावर स्टेशन और कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है। सूत्रों के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। साथ ही बादल फटने के कारण हाईवे पर मलवा बिछ जाने की वजह से कारगिल-जंस्कार हाईवे बंद हो गया है। वहीं लद्दाख प्रशासन ने बारिश जारी रहने तक प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.....

जम्मू-कश्मीर में राजोरी जिले के कंडी चिकित्सा ब्लॉक के अंतर्गत दूरदराज के पिछड़े इलाकों में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य कर्मी जान का जोखिम उठाकर काम कर रहे हैं। उन्हें टीकाकरण के लिए ऐसे स्थानों पर भी जाना पड़ रहा है, जहां पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ते तक नहीं हैं। वे इस बरसात के मौसम में नदी, नालों और पहाड़ों से गुजरकर सौ प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य पाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं कर रहे। इतना करने के बाद भी जागरूकता के अभाव में उन्हें कुछ लोगों का सहयोग नहीं मिलता। कंडी चिकित्सा ब्लॉक के कई ऐसे दूरदराज गांव हैं जहां सड़क नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे गांवों में पहुंचने के लिए पैदल यात्रा करनी पड़ती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.....

जम्मू-कश्मीर में अवंतीपोरा जिले के शरशाली ख्रू इलाके में सुबह पुलिस द्वारा एक हिजबुल आतंकी को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। बता दें कि अवंतीपोरा पुलिस, सेना 50 आरआर और सीआरपीएफ 185 बीएन की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों ने ऑर्चर्ड क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा जो भागने की कोशिश कर रहा था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.....

... और पढ़ें

Kishtwar Cloudburst: किश्तवाड़ में बादल फटने से सात की मौत, 40 लोगों की खोज में लगी हैं टीमें

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुबह 4.30 बजे बादल फटने के बाद बाढ़ आ गई। जिसमें हुंजर गांव के छह घर और एक राशन स्टोर बह गए। इसमें करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अभी तक सात लोगों के शव निकाल लिए गए हैं और 17 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है जिनमें से पांच की हालत गंभीर है। जिला उपायुक्त किश्तवाड़ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि सात शव निकाले जा चुके हैं। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की ओर से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। किश्तवाड़ से एसडीआरएफ की टीम मौके पर है, जबकि जम्मू, उधमपुर और श्रीनगर से टीमों को घटनास्थल तक एयरलिफ्ट करने के लिए मौसम बाधा बना हुआ है। जिला उपायुक्त के अनुसार हुंजर के अलावा लंबार्ड क्षेत्र में दो और बादल फटे हैं। होमगार्ड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ के पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने कहा कि 60 परिवारों को घर खाली करवाकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। रेस्क्यू टीमें मौके पर हैं, जबकि कई अन्य टीमों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन स्थल तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो नदियों, नालों, जल निकायों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
... और पढ़ें

बिलावर में हादसा: जीरो मोड़ पर यात्रियों से भरी मिनी बस पलटी, 25 यात्री घायल

Jammu Kashmir Cloudburst: किश्तवाड़ में बादल फटने से सात की मौत, 40 से ज्यादा लोग लापता, मनोज सिन्हा ने किया मुआवजे का एलान

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर देखने को मिला है। किश्तवाड़ जिले में बुधवार तड़के बादल फटने से 40 से अधिक लोग लापता हो गए हैं। जिसके बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। अभी तक कई लोगों के शव मिल चुके हैं। 

जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के किश्तवाड़ जिले के होंजर दचान गांव में बादल फट गया। इसमें करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अभी तक सात लोगों के शव निकाल लिए गए हैं। बचाव अभियान जारी है। बाढ़ प्रभावितों के लिए उप राज्यपाल प्रशासन ने राहत की घोषणा की है। बाढ़ से मारे गए लोगों के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये और एसडीआरएफ की ओर से 12700 रुपये की आर्थिक राहत दी जाएगी। मकान, बर्तन, कपड़े, घरेलू वस्तुएं, कृषि संबंधी नुकसान पर जिला प्रशासन एसडीआरएफ के तहत राहत उपलब्ध करवाएगा। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार पीड़ितों की हर संभव सहायता करेगी।
 

आपको बता दें कि जम्मू क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। जुलाई के अंत तक और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही किश्तवाड़ में अधिकारियों ने जलाशयों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो नदियों, नालों, जल निकायों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

जानकारी के अनुसार किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश से ज्यादातर नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ गया है और बादल फटने से भी जल निकायों पर असर पड़ा है। पहाड़ी इलाका होने की वजह से भूस्खलन होने का खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए जिला पुलिस किश्तवाड़ की तरफ हेल्प डेस्क भी लगाया गया है और लोगों को घर रहने के लिए कहा है।

साथ ही लोगों के लिए कई हैल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इन नंबर पर फोन कर लोग किसी भी मुश्किल में मदद मांग सकते हैं।

एसएसपी किश्तवाड़- 9419119202
एडिश्नल एसपी किश्तवाड़- 9469181254
डिप्टी एसपी हेडक्वार्टर्स - 9622640198
एसडीपीओ अथोली- 98558512348
एसएचओ किश्तवाड़- 9149695883
एसएचओ चत्रू- 9419214272
पीसीआर किश्तवाड़- 9906154100
ईआरएसएस - 112 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने किश्तवाड़ में बादल फटने के संबंध में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और डीजीपी से बात की है। एसडीआरएफ भी मौके पर पहुंच रही है। एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन की तरफ से बचाव अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाना है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर कहा कि केंद्र सरकार किश्तवाड़ और कारगिल में बादल फटने के बाद से स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह सभी लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहे हैं।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन