तीन साल एक ही शिक्षक के सहारे चलता स्कूल

उधमपुर/पंचैरी/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 28 Dec 2012 02:13 PM IST
only one teacher in a school from three years
आठवीं कक्षा तक के लिए स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक हो तो भला उस स्कूल के विद्यार्थियों का क्या भविष्य हो सकता है। ऐसे में परीक्षा परिणाम शून्य नहीं तो और क्या होगा। यही हाल है पंचैरी ब्लॉक के सदोता गांव में स्थित सरकारी मिडिल स्कूल सदोता का।

इस स्कूल का दारोमदार करीब तीन वर्ष से एक शिक्षक पर है। इसके चलते दो वर्ष से लगातार स्कूल का आठवीं की बोर्ड का परीक्षा परिणाम जीरो प्रतिशत आ रहा है। इसकी जानकारी होने के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की तरफ से स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

नियमानुसार एक सरकारी मिडिल स्कूल की आठ कक्षाओं के लिए करीब छह शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं। वे शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ मिड डे मील, डाक लाना भेजना, विद्यार्थियों की हाजिरी, प्राइमरी स्कूलों की कार्यप्रणाली और अन्य कई तरह के कार्य करते हैं। अब यह सारे कार्य एक शिक्षक को करने पड़े तो विद्यार्थियों की शिक्षा तो प्रभावित होगी। तीन वर्ष से मिडिल स्कूल सदोता को एक आरईटी शिक्षक चला रहा है।

अतिरिक्त बोझ के कारण शिक्षक स्कूल की आठ कक्षाओं को सही तरह से पढ़ा नहीं पा रहा है और स्कूल का परीक्षा परिणाम लगातार जीरो प्रतिशत आ रहा है। 2011 में आठवीं का परीक्षा परिणाम जीरो प्रतिशत रहा था तो दिसंबर 2012 में भी परीक्षा परिणाम जीरो प्रतिशत रहा है। शिक्षक का कहना है कि वह कई बार समस्या को अधिकारियों के सामने रख चुका है, लेकिन इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। परीक्षा परिणाम जीरो प्रतिशत आने से स्कूल का नाम खराब होने पर भी कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

अधिकारी को पता ही नहीं
शिक्षा विभाग के सीईओ दर्शन लाल ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समस्या गंभीर है। जल्द ही इसके बारे में जेडईपीओ पंचैरी से जानकारी हासिल कर समस्या को हल करने के लिए जरूरी कदम उठाया जाएगा।

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