मास्टर प्लान में बदल दिया शहर का नक्शा

Udhampur Updated Fri, 22 Nov 2013 05:44 AM IST
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उधमपुर। मास्टर प्लान में गड़बड़ी का हर तरफ विरोध होने लगा है। इस मुद्दे पर बैठकों का आयोजन कर इसमें व्याप्त त्रुटियों को शीघ्र दूर करने की मांग की जा रही है।
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वीरवार को इंटक प्रदेश सचिव सुमित मगोत्रा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासन से मास्टर प्लान की त्रुटियों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दूर करने की अपील की गई। मगोत्रा ने कहा कि शहर के विकास के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान को लेकर जारी किए गए नोटिफिकेशन में कई तरह की कमियां हैं। संबल, चक्खड़, सुई, सतैनी व अन्य कई इलाकों को फारेस्ट लैंड दिखाया गया है, जबकि यह सारे इलाके रिहायशी इलाके हैं। इसी तरह सतैनी, डिब्बर को ग्रीन लैंड दर्शाया गया है। जिस स्थान पर पार्किंग स्थल दिखाया है, वहां शिशु स्थल है। मास्टर प्लान में शिशु स्थल की जमीन पर पार्किंग स्थल दिखाया जा रहा है। यह शहरवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान को शहरवासियों तक पहुंचाने में किसी तरह के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। शहरवासी इससे पूरी तरह अनजान है। उन्होंने प्रशासन से अपील है कि त्रुटियों को दूर कर ही मास्टर प्लान को मंजूरी दी जाए। इसके अलावा शहरवासियों को साथ रख कर ही एक सही मास्टर प्लान तैयार किया जाए।
त्रुटि के लिए सांसद और विधायक को जिम्मेदार बताया
उधमपुर (ब्यूरो)। बहुजन समाज पार्टी ने मास्टर प्लान को धोखा करार दिया और इसकी त्रुटियों के लिए विधायक तथा सांसद को जिम्मेदार ठहराया। वीरवार को पार्टी की आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रभारी सरदार रंजीत सिंह ने कहा कि मास्टर प्लान में प्राचीन धार्मिक स्थल बाबा लौंडना को इंडस्ट्रीयल एरिया दिखाया गया है। अगर ऐसा होता है तो भविष्य में पूरा शहर प्रदूषण की चपेट में होगा। मास्टर प्लान में शहर में कोई स्पोर्ट्स कंप्लैक्स नहीं दिखाया गया है। यह खिलाड़ियों के साथ धोखा है। देविका नदी को भी पूरी तरह से नजरअंदाज रखा गया है। बस अड्डा का नक्शे में स्थान अलग और कागजात में अगल रखा गया है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान की त्रुटियों को लेकर सांसद व स्थानीय विधायक भी चुप बैठे हैं।

मास्टर प्लान के नोटिफिकेशन का ओब्जेक्शन फाइल करने का पूरा प्रावधान रखा गया है। जिसको भी मास्टर प्लान में कमियां लग रही हैं, वह डीसी, एडीसी, तहसीलदार या नगर परिषद के ईओ के पास लिखित में विरोध कर सकता है। -रतन लाल, ईओ, नगर परिषद
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