स्कूलाें में शिक्षक नहीं, ट्यूशन पढ़ने को मजबूर हैं छात्र

Udhampur Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
उधमपुर। परीक्षाएं सिर पर हों और सिलबेस पूरा नहीं हो पाए तो छात्रों को मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है। पिछले कुछ दिनों से पंचैरी ब्लाक स्थित चार विंटर सेशन के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में लेक्चररों की कमी के कारण सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है जिस कारण 12वीं के विद्यार्थी परेशान नजर आ रहे हैं।
जिला उधमपुर के पंचैरी ब्लाक में सभी स्कूल विंटर सेशन के हैं, जहां चार हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। चारों स्कूलों में लेक्चररों की काफी कमी है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में 12वीं की बोर्ड की परीक्षाएं आरंभ होने वाली हैं और स्कूलों मे फिजिक्स, बाटनी, कंप्यूटर, हिंदी, केमेस्ट्री, बाटनी और अन्य कई विषयों का अभी तक मात्र 25 प्रतिशत सिलेबस ही पूरा हो पाया है। सिलेबस पूरा नहीं होने का सबसे बड़ा कारण लेक्चररों की कमी है। सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल पंचैरी में करीब छह महीने से फिजिक्स और बाटनी के लेक्चरर के पद पूरी तरह से खाली पड़े हैं। छह महीने से विद्यार्थियों ने इन विषयों के बारे में कुछ भी नहीं पढ़ा है।
इसी तरह हायर सेकेंडरी स्कूल लांदर में इंग्लिश, गणित, बाटनी, सोशाजली, डोगरी, कंप्यूटर के लेक्चरर के पद खाली पड़े हैं। इन विषयों को पढ़ने के लिए विद्यार्थियों का स्कूल में पहुंचना सिर्फ औपचारिकता पूरी करना ही है। हायर सेकेंडरी स्कूल मौंगरी में पोलिटिकल साइंस, हिंदी, कैमिस्ट्री, बाटनी, बायोलाजी और हायर सेकेंडरी स्कूल दमनौत में ईवीएस और केमेस्ट्री के लेक्चरर के पद पूरी तरह से खाली पड़े हैं।
परेशानियां भी कम नहीं
इन स्कूलों में पढ़ने वाली आकाशी शर्मा ने कहा कि इस समय वह मानसिक परेशानी से गुजर रही है। मजबूरी में उन्हें शहर आकर ट्यूशन पढ़ना पड़ रहा है। आशा देवी ने बताया कि शिक्षक नहीं होने के कारण यह परेशानी बनी हुई है कि क्या पढे़ं और कहां तक का सवाल पूछा जाएगा। छात्र कलश सिंह ने बताया कि कुछ छात्र तो स्कूल से छुट्टियां लेकर शहर में ट्यूशन पढ़ रहे हैं। रंजीत सिंह ने बताया कि लेक्चरर नहीं होने के कारण पूरा वर्ष स्कूल में कुछ भी नहीं पढ़ाया जा सका है।
69 पोस्टें खाली पड़ीं
जिला उधमपुर में 31 हायर सेकेंडरी स्कूलों के लिए सरकार की तरफ से 399 स्थाई लेक्चररों के पद रखे गए हैं। वर्तमान समय में विभाग के पास 215 ही स्थाई लेक्चरर मौजूद हैं। कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने जिला में 115 अकादमिक व्यवस्था के जरिए तैनात किए हैं, बावजूद 69 पद खाली पड़े हैं। आंकड़ों से अंदाजा लग जाता है कि किस प्रकार विद्यार्थी बिना लेक्चरर के पढ़ने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा गणित, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बॉटनी के लेक्चररों की कमी है।
प्रिंसिपल का पद भी रिक्त
स्कूलों में लेक्चररों की व्यवस्था करने में हमेशा स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा ही प्रयास किए जाते हैं, लेकिन जिन स्कूलों में प्रिंसिपल ही नहीं होंगे तो उनकी स्थिति का खुद ही लग जाता है। हायर सेकेंडरी स्कूल पंचैरी और हायर सेकेंडरी स्कूल लांदर में करीब एक वर्ष से प्रिंसिपल के भी पद पूरी तरह से खाली हैं। प्रिंसिपल नहीं होने के कारण लेक्चररों और शिक्षकों की कमी के कारण समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। विभाग जानकारी होने के बावजूद कोई प्रयास नहीं कर रहा है।
इस संबंध में शिक्षा विभाग के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन प्लानिंग आफिसर वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में स्थित हायर सेकेंडरी स्कूलों में विज्ञान से संबंधित विषयों के लेक्चरर की काफी कमी है। इस समस्या को हल करने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

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