गोबर गैस प्लांट से खेत-खलिहानों के साथ घर-आंगन भी चकमक

Udhampur Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
उधमपुर। गोबर गैस प्लांट लगाने से लोगों को कई लाभ मिल रहे हैं। जैसे-जैसे ग्रामीणों को इस बारे में जानकारी मिल रही है, वैसे-वैसे गोबर गैस प्लांट लगवाने के लिए मांग की जाने लगी है। ग्रामीणों की मांग को देखते हुए सरकार की तरफ से जिला उधमपुर में जारी वित्तीय वर्ष में 149 गोबर गैस प्लांट लगवाने के लिए जम्मू कश्मीर एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी साइंस एंड टेक्नोलाजी डिपार्टमेंट को 29.40 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाएं खाना बनाने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल करती हैं। जलावन के लिए पेड़ के कटने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। उसके बाद लकड़ी को चूल्हे में जलाने से उठने वाले धुआं स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहा है। महिलाओं को धुएं से बचाने और अन्य कई लाभ देने के लिए ग्रामीणों को 85 प्रतिशत सब्सिडी पर गोबर गैस प्लांट लगाकर दिए जा रहे हैं। जिला में 1980 से लेकर 2009-10 तक इंटीग्रेटिड रूरल एनर्जी प्रोग्राम के तहत गोबर गैस प्लांट लगाकर दिए जाते थे। 2010-11 में इसे बंद कर जम्मू कश्मीर एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी साइंस एंड टेक्नोलोजी डिपार्टमेंट का रूप दे दिया गया।
फसलों के लिए संजीवनी
गोबर गैस प्लांट से गैस के साथ जैविक खाद भी मिलता है, जो कि फसलों के लिए संजीवनी है। इसके निर्माण के दौरान एक ओवरफ्लो पाइप डाला जाता है। जब टैंक गोबर से भर जाता है तो इस पाइप के जरिए बाहर निकलने लगता है, जिसका इस्तेमाल जैविक खाद के रूप में किया जाता है। इसमें नाइट्रोजन से भरपूर मात्रा में होती है।
85 प्रतिशत सब्सिडी
एक गोबर गैस प्लांट लगाने के लिए करीब 35 हजार रुपये का खर्च आता है। 35 हजार रुपये में से 10 हजार केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से 19,750 रुपये सब्सिडी के रूप में दिए जाते हैं। बाकी के 5,250 रुपये ग्रामीण को अपनी तरफ से खर्च करने होते हैं। ग्रामीणों के िलए यह किफायती है।
पहले डेढ़ क्विंटल गोबर लगता है
गोबर गैस प्लांट का निर्माण करने के बाद पहले गड्ढे में डेढ़ क्विंटल गोबर डाला जाता है। इसके बाद प्रत्येक दिन 30-40 किलो गोबर को पानी में घोलकर डालना पड़ता है। जिसके बाद खाना बनाने और अन्य कई कार्यों के लिए गैस प्राप्त होती है।
बिना धुएं की रोशनी
गोबर गैस प्लांट घर को रोशन करने में भी सक्षम है। बिजली गुल होने पर अकसर गांव के लोग दीये की रोशनी में रात गुजारते हैं। जिससे काफी परेशानी होती है, लेकिन गोबर गैस प्लांट के जरिए कनेक्शन लेकर ग्रामीण एक मेंटल भी जला सकता है। इससे बिना धुएं के रोशनी मिलेगी।
जम्मू-कश्मीर एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी साइंस एंड टेक्नोलाजी डिपार्टमेंट के डिस्ट्रिक्ट आफिसर डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि पांच महीने में 70 गौबर गैस प्लांट जिले के विभिन्न हिस्सों में लगाए जा चुके हैं। इससे बात साबित होती है कि ग्रामीणों को इससे कई लाभ मिल रहे हैं और वह इसमें रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी गोबर गैस प्लांट लगाने की इच्छा रखता है वह उनके कार्यालय में संपर्क कर सकता है।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

आप विधायकों को हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत, अब सोमवार को होगी सुनवाई

लाभ के पद के मामले में चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के मामले में अब सोमवार को होगी सुनवाई।

19 जनवरी 2018

Related Videos

पुलिस की नाक के नीचे से एटीएम ही उड़ा ले गए चोर

उधमपुर में बेखौफ चोरों ने एक बार फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए टिकरी में लगे भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम को ही उड़ा लिया। पुलिस की माने तो एटीएम में 30 लाख के करीब कैश भरा था। पुलिस ने शक के आधार पर एटीएम गार्ड को हिरासत में लिया है।

7 अक्टूबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper