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बाल आश्रम के सुपरिंटेंडेंट पर लगाया मारपीट करने का आरोप

Udhampur Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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उधमपुर। सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के बाल आश्रम उधमपुर में रहने वाले 54 बच्चों ने शनिवार दोपहर को बाल आश्रम के सुपरिंटेंडेंट और बावर्ची पर मारपीट, काम करवाने और अन्य कई तरह के आरोप लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं सुपरिंटेंडेंट ने आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया।
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स्कूल से बाल आश्रम में लौटने के बाद शनिवार दोपहर करीब दो बजे बच्चों ने एकजुट होकर सुपरिंटेंडेंट और बावर्ची के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने बताया कि छोटी सी गलती होने पर सुपरिंटेंडेंट और बावर्ची बच्चों के साथ बुरी तरह से मारपीट करते हैं। मारपीट के दौरान उन्हें कई बार गंभीर चोटें भी आई हैं। सुबह के समय उन्हें नाश्ते में केवल चार ब्रेड पीस दिए जाते हैं, जिससे उनका पेट नहीं भरता है। आधी भूख रखकर सभी स्कूल जाते हैं। दोपहर के समयखाना मिलने के बाद ही उनका पेट भरता है।
बच्चों ने आरोप लगाया कि बाल आश्रम के प्रशासन द्वारा उनसे नालियां साफ करने और अन्य कई तरह के काम करवाए जाते हैं। मना करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। मारपीट के डर से मजबूरी में उन्हें काम भी करना पड़ता है।
बच्चों ने बताया कि कई वर्षों से उन्हें बिस्तर पर बिछाने के लिए बेड शीट नहीं मिली है। मजबूरी में भीषण गर्मी के दौरान वह बिस्तर पर कंबल डालकर रातें गुजार रहे हैं। कुछ महीने पहले एयरफोर्स की तरफ से एक कंप्यूटर बाल आश्रम में दिया गया। एयरफोर्स के अधिकारियों का कहना था कि इससे बच्चों को कंप्यूटर का ज्ञान मिलने पर काफी लाभ होगा, लेकिन आज तक उन्हें कंप्यूटर को इस्तेमाल करना तो दूर हाथ भी लगाने नहीं दिया गया है। कई संस्थाओं द्वारा बच्चों के खेलने के लिए सामान आश्रम में दिया गया है, लेकिन आज तक सुपरिंटेंडेंट ने बच्चों को खेलने के लिए सामान नहीं दिया है।
सामान को एक कमरे में बंद करके रखा गया है। जब-जब भी वे सुपरिंटेंडेंट से किसी चीज की मांग करते हैं तो उनके साथ मारपीट की जाती है। उनकी जिला प्रशासन से मांग है कि सुपरिंटेंडेंट सहित बाल आश्रम के पूरे स्टाफ को बदला जाए, ताकि गरीब और बेसहारा बच्चे बिना किसी परेशानी के दिन गुजार सकें।बाल आश्रम के सुपरिंटेंडेंट तिलक राज ने सभी आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को आश्रम में हर तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रत्येक बच्चे को बिस्तर पर बिछाने के लिए दो बेड शीट दी गई हैं। बच्चों को हर रोज भर पेट खाना दिया जा रहा है। बच्चे क्यों उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, यह उनकी समझ से परे है। डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर आफिसर यशपाल शर्मा ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के साथ मारपीट और अन्य किसी तरह की ज्यादती किसी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच करेंगे। अगर स्टाफ दोषी पाया गया तो पूरा स्टाफ बदला जाएगा।

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