अब जाल सी नहीं रहेगी मछुआरों की छत

Udhampur Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
उधमपुर। कोटला गांव में रहने वाले सूरमचंद और जखैड़ निवासी नसीबू के परिवार को मूसलधार बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के डर से रात में जागना नहीं पड़ता है, क्योंकि अब उनके पास अपना पक्का मकान है। पक्का मकान मिलने के बाद अब पूरा परिवार चैन की नींद सोता है। मछुआरों का कहना है कि केंद्र की योजनाओं ने उनके पक्के घर के सपने को साकार कर दिया है।
जिला उधमपुर में करीब 594 लाइसेंस प्राप्त मछुआरे मौजूद हैं। इनमें से ज्यादातर दूरदराज ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जो कि गांव के पास से गुजर रही नदी और नालों से मछली पकड़ कर अपने परिवार का पालन करते हैं। 60 प्रतिशत मछुआरे गरीबी रेखा से नीचे की सूची में आते हैं और उनके पास न तो खेती के लिए भूमि है और न रहने के लिए पक्का मकान। गरीबी रेखा से नीचे की सूची के मछुआरे कच्चे मकानों में रहते हैं। मूसलाधार बारिश और मुश्किल परिस्थितियों में इन मछुआरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 2009-10 में वेलफेयर आफ फिशरमैन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मछुआरों को 50 हजार रुपये की लागत से पक्का घर बना कर देने की योजना शुरू की। जिला उधमपुर में पहले चरण में 2009-10 में 10 मछुआरों को पक्के मकान बनाकर दिए गए। 2010-11 में 12 मछुआरों को, 2011-12 में 16 मछुआरों को पक्के मकान बनाकर दिए गए हैं। 2012-13 में करीब 15 मछुआरों को मकान बनाकर देने की योजना है।
कमरा और किचन
योजना के तहत मछुआरे को मछली पालन विभाग की तरफ से 10/10 फीट का एक कमरा, 6/7 का एक किचन व एक छोटा बरामदा बना कर दिया जा रहा है। विभाग के इंजीनियर पहले मछुआरे की जमीन का मुआयना करते हैं। फिर मछुआरे को पूरी जानकारी दी जाती है कि किस प्रकार वह पक्का मकान बनाकर विभाग से रुपये हासिल कर सकता है।
योजना से मिला सहारा
लाटी के महमूद मलिक, चिनैनी के नंदू, किया के जगदीश चंद मछुआरे ने बताया कि सभी गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में आते हैं। दूरदराज ग्रामीण इलाकों में रहने के कारण उनकी हालत इतनी अच्छी नहीं कि वह अपना पक्का घर बना पाते। केंद्र सरकार की इस योजना के लागू होने से ही उनके पक्के घर का सपना साकार हुआ। वे अन्य लोगों को भी इस योजना का लाभ लेने की बात कह रहे हैं।
सभी को देंगे मकान
विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर लाल हुसैन ने बताया कि 2011-12 में 16 घर बनाकर देने की योजना थी, जिनमें से लगभग सभी घर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा 2012-13 में अनुसूचित जाति वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे मछुआरों को मकान बनाकर दिए जाएंगे। गरीबी रेखा से नीचे के सभी मछुआरों को घर बनाकर देने की योजना है।

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