मत्स्य विभाग की कम्युनिटी पांड योजना से आत्मनिर्भर होंगे गांव

Udhampur Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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उधमपुर। मछली पालन विभाग की कम्युनिटी पांड योजना का सदुपयोग कर गांव आत्मनिर्भर बन सकते हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में ऐसा हो नहीं पा रहा है। गांववासी अकसर गांव की गलियों, सड़कों और पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं के लिए जिला अधिकारियों के पास अपील करने के लिए पहुंचते हैं। वहीं अधिकारी फंड का रोना रोकर हाथ खड़े कर देते हैं। इस तरह से उनकी समस्याएं ज्यो की त्यों बनी रहती हैं।
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मछली पालन विभाग के पास इस तरह की एक योजना है, जिसका लाभ उठाकर गांववासी अपने गांव के विकास के लिए फंड की व्यवस्था कर सकते हैं। अगर गांववासी मछली पालन विभाग की कम्युनिटी पांड्स स्कीम पर मेहनत के साथ काम करें तो गांव के छोटे-मोटे काम के लिए उन्हें जिला प्रशासन के अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेंगी। कम्युनिटी पांड योजना के तहत विभाग गांव के सार्वजनिक तालाब में नि:शुल्क सीड (छोटी मछलियां) डालता है। गांववासियों को इसकी देखभाल की जिम्मेवारी सौंपी जाती है। देखभाल ढंग से हो इसके लिए गांववासी मिलकर कमेटी का गठन करते हैं। कमेटी तालाब में डाली गई मछलियों का रखरखाव करती है। जब मछलियां बड़ी हो जाती है तो कमेटी मछलियों को बेचकर गांव के विकास के लिए फंड इकट्ठा कर सकती है। इससे गांव की गलियों, नालियों, सड़क और सरकारी स्कूल की मरम्मत और छोटी-मोटी समस्याओं का हल निकल सकता है। मौजूदा समय में जिले के विभिन्न गांव में योजना के तहत विभाग सीड तो डाल रहा है, लेकिन गांववासी सही ढंग से इस योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं।
ग्रामीणों की जिम्मेवारी
कम्युनिटी फिश पांड दो प्रकार के होते हैं। सीजनल और दूसरा पेरैनियल फिश पांड। सीजनल पांड बरसात के मौसम में बारिश के पानी से भरते हैं और बारिश होने पर तालाब में विभाग की तरफ से सीड डाल दी जाती है। सीजन पूरा होने के बाद पांड सूख जाते हैं। वहीं पेरैनियल पांड प्राकृतिक होते हैं, जिनमें सालों भर पानी भरा रहता है। जिसमें विभाग मछली डाल देता है।

जागरूकता की जरूरत
नियम के अनुसार फिशरीज विभाग हर वर्ष तालाबों में सीड डालता है, लेकिन गांववासी नियम अनुसार इस योजना का लाभ हासिल नहीं कर रहे हैं। गांववासी डाली गई सीड से तैयार मछली को बेचकर फंड इकट्ठा करने के बजाए खुद इसे अपने खाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे उनके गांव का विकास नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण जागरूक होकर कार्य करें तो छोटी मोटी समस्या खुद हल हो जाएगी।

विभाग कर रहा काम
फिशरीज विभाग के एडी लाल हुसैन ने बताया कि विभाग अपनी जिम्मेवारी को बखूबी निभा रहा है, लेकिन गांववासी इस योजना का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। विभाग के कर्मचारी और अधिकारी इसके बारे में जागरूक करने में जुटे हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि गांववासी इस योजना को पूरी तरह से समझें और अपने गांव का विकास करें।
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