खिलाड़ी की मौत पर प्रदर्शन िकया

Udhampur Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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उधमपुर। अस्पताल के डाक्टरों और स्पोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया (साई) के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर साईं में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों ने मृतक खिलाड़ी के परिजन और शहरवासियों के साथ रविवार सुबह जमकर प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने कहा कि अगर साईं के अधिकारियों और डाक्टरों ने जावेद की बीमारी को गंभीरता से लिया होता तो उसकी मौत नहीं होती।
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गौरतलब है कि शनिवार को साईं में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ी जावेद का बीमार होने पर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने मौत के लिए अस्पताल के डाक्टरों को जिम्मेदार ठहराते हुए पोस्टमार्टम की मांग की थी। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के दौरान खिलाड़ी के साथी और परिजन अस्पताल के शव गृह के बाहर मौजूद थे। जहां उन्होंने यूथ डेमोक्रेटिक फ्रंट के एजाज सुंबडिया और बसपा युवा नेता तिरंतर सिंह के नेतृत्व में अस्पताल प्रशासन और साईं के अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान जावेद के साथी खिलाड़ियों ने बताया कि जावेद इकबाल के बीमार होने पर एक भी साईं का अधिकारी उसे अस्पताल लेकर नहीं गया और न ही उसकी दवा के लिए खर्च दिया। बीमार होने पर तीनों बार उन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाया और उसकी दवा के लिए रुपये खर्च किए। साईं के अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती थी कि वह उसे जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंचते और उसका इलाज करवाते। उन्होंने जिला अस्पताल के डाक्टरों को भी जावेद की मौत का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर जावेद को जीबी सिंड्रोम (गूलन बेरी सिंड्रोम) नाम की गंभीर बीमारी थी तो उसे फिर बार-बार आर्थो डाक्टर के पास इलाज के लिए क्यों भेजा जा रहा था और उसे क्यों टांग दर्द की दवा दी जा रही थी। अगर उसकी बीमारी गंभीर थी तो फिर उसे शुक्रवार को ही अस्पताल में एडमिट क्यों नहीं किया गया। अस्पताल के डाक्टरों और साईं के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही जावेद की मौत हुई है। एजाज सुंबडिया, तिरंतर सिंह और अन्य कई लोगों ने कहा कि आए दिन अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही के कारण लोगों को जान गवानी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीजों को सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, जबकि हकीकत में अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही के कारण लोगों को सिर्फ परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसएचओ कुलदीप खजूरिया फौरन मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर प्रदर्शन बंद करवाया।
धक्का-मुक्की हुई
उधमपुर (ब्यूरो)। जिला अस्पताल में प्रदर्शन के दौरान खिलाड़ी के परिजनों, साथी खिलाड़ियों और शहरवासियों के बीच कहासुनी और धक्का मुक्की का माहौल भी पैदा हुआ। प्रदर्शनकारी अस्पताल प्रशासन के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के कार्यालय का घेराव करने के लिए उनके कार्यालय के बाहर पहुंच गए, लेकिन रविवार की छुुट्टी के चलते वे कार्यालय में मौजूद नहीं थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर निकलने को कहा, लेकिन वे नहीं माने और देखते ही देखते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की भी शुरू हो गई।
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