पानी के लिए शहर हुआ बेहाल, यहां लाखों गैलन बह रहा पानी बेकार

Udhampur Updated Tue, 31 Jul 2012 12:00 PM IST
उधमपुर। सही रख-रखाव और मरम्मत की तरफ ध्यान नहीं दिए जाने के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में पीएचई विभाग के वाल्व और पाइप बीमार पड़े हैं। जिनसे हर रोज हजारों गैलन पानी बेकार बह रहा है। पानी बेकार बहने पर शहर के विभिन्न हिस्सों में शहरवासियों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों पीएचई विभाग के पाइप सड़क के बीच और नालियों से होकर गुजर रहे हैं। जिस कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और लोगों को दूषित पानी की सप्लाई मिल रही है। विभाग का कहना है कि फंड की कमी के कारण ही क्षतिग्रस्त पाइप और वाल्व की मरम्मत सही तरीके से नहीं हो पा रही है।
शहर की एक लाख से ज्यादा आबादी को हर दिन 54 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन विभाग अभी तक शहरवासियों को दो फिल्ट्रेशन प्लांट से केवल 38 लाख गैलन ही दे पा रहा है। पुराने फिल्ट्रेशन प्लांट से 22 लाख और नए फिल्ट्रेशन प्लांट से 18 गैलन पानी की सप्लाई शहरवासियों को मिल रही है। शहरवासियों को हर रोज पीएचई विभाग की तरफ से 16 लाख गैलन पानी कम मिल रहा है। पानी की सप्लाई में पीएचई विभाग के पाइप और वाल्व मुख्य भूमिका निभाते हैं। रख रखाव की तरफ ध्यान नहीं दिए जाने के कारण ही शहर के विभिन्न हिस्सों में पाइप और वाल्व खराब और क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिस कारण विभाग द्वारा दी जा रही पानी की सप्लाई से हर रोज हजारों गैलन पानी बेकार सड़कों और नालियों में बह रहा है।

लोगों को मिलता है गंदा पानी
पीएचई विभाग के ज्यादातर वाल्व नालियों के किनारों या फिर गड्ढों के बीच लगाए गए हैं। ज्यादातर वाल्व खस्ता हालत में हैं जिनसे लगातार पानी बेकार बहता रहता है। पानी बहने या फिर मूसलधार बारिश के दौरान कई बार गड्ढे पानी से भर जाते हैं और वाल्व पानी के अंदर डूब जाता है। जिससे पानी दूषित होकर घरों तक पहुंचता है। दूषित पानी की सप्लाई मिलने के कारण हर बार लोग परेशानियों से जूझते हैं और कई बार इसके विरोध में प्रदर्शन भी करते हैं, लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से समस्या के हल के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। जिसके कारण लगातार समस्या बढ़ती जा रही है।

सड़कें और गलियों को भी नुकसान
शहर के विभिन्न हिस्सों में पीएचई के ज्यादातर पाइप सड़कों, गलियों के बीच से होकर गुजर रहे हैं। सड़क अैर गलियों के अंदर जब कोई पाइप क्षतिग्रस्त हो जाती है तो पाइप लीकेज होने पर पानी सड़क और गलियों में बहने लगता है। जिससे लोगों के घरों में पानी की सप्लाई प्रभावित होती है तो दिन ब दिन सड़कों और गलियों की हालत खस्ता हो जाती है। विभाग के कर्मचारी पाइप की मरम्मत के लिए सड़क के बीच गड्ढा निकाल देते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
पीएचई विभाग के एईई वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि पाइपों और वाल्व की मरम्मत के लिए सरकार की तरफ से फंड तो मिलते हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं होते। जिस कारण कई बार प्रयास करने के बावजूद समस्या हल नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि शहर में ज्यादातर वाल्व और पाइपें बड़े वाहनों के कारण क्षतिग्रस्त होती हैं। वाहन तो पाइपों को क्षतिग्रस्त करके निकल जाते हैं और परेशानी पीएचई विभाग के लिए छोड़ जाते हैं।

इसके अलावा वाल्व की मरम्मत के लिए कर्मचारी अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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