सेेरीकल्चर से जिले की महिलाओं का बदल रहा हेल्‍थ्‍ा स्‍ट्रक्चर

Udhampur Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
उधमपुर। जिला उधमपुर में रेशम कीट पालन में महिलाओं की भागीदारी ने नारी सशक्तिकरण का शानदार उदाहरण पेश किया है। जिसे ध्यान में रखते हुए सेरीकल्चर विभाग ने 2009-10 में महिलाओं के लिए वूमेन हेल्थ इंश्योरेंस योजना को शुरू की थी। विभाग ने तीन वर्षों में 1573 महिलाओं को उनके परिवार सहित हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ दिया है।
जिला उधमपुर रेशम कीट पालन में राज्य में दूसरे स्थान पर है। हर वर्ष करीब 5000 कीट पालक करोड़ों रुपये की कोकून का उत्पादन करते हैं। हर वर्ष कीट पालन में महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी हो रही है। कीट पालन के दौरान घर के पुरुष केवल शहतूत की टहनियां तोड़ कर घर पहुंचाने का कार्य करते हैं जबकि कीटों की देखरेख और रख रखाव की पूरी जिम्मेवारी घरों में महिलाएं ही करती हैं। यही नहीं मंडी में कोकून बेचने के लिए भी सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पहुंच रही हैं। इसी को ध्यान रखते हुए सेरीकल्चर विभाग की तरफ से महिलाओं को वूमेन हेल्थ इंश्योरेंस योजना के साथ जोड़ा जा रहा है। 2008-09 में योजना को लांच किया गया, लेकिन इसे अमल में 2009 में लाया गया। 2009-10 में 390, 2010-11 में 388 और 2011-12 में 795 महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया है।
56 रुपये से मिल रहे कई लाभ
वूमेन हेल्थ इंश्योरेंस योजना का लाभ लेने के लिए कीट पालक महिला को फार्म भर कर 56 रुपये जमा करवाने होंगे। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद महिला को उसके पति और 18 वर्ष तक के दो बच्चों को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलता है। एक वर्ष के दौरान महिला या फिर उसके परिवार का कोई सदस्य बीमार या फिर किसी दुर्घटना का शिकार हो जाता है तो 15 हजार रुपये तक इलाज का खर्चा सरकार की तरफ से होगा।
बैंक के साथ किया अनुबंध
सेरीकल्चर विभाग द्वारा इंश्योरेंस का लाभ महिलाओं को देने के लिए आईसीआईसीआई लंबार्ड के साथ अनुबंध किया गया है। आईसीआईसीआई ने त्रिकुटा नर्सिंग होम में इलाज करवाने का अनुबंध किया है। बीमार होने पर महिला त्रिकुटा नर्सिंग होम में बिना किसी परेशानी के इलाज करवा सकती हैं। अगर वह जिला अस्पताल या फिर अन्य किसी स्थान पर इलाज करवाती हैं तो उसे डाक्टर की पर्ची, दवाओं का बिल संभाल कर रखना होगा क्योंकि उसी के आधार पर उसे इलाज के खर्च की राशि दी जाएगी।
बेहिचक इससे जुड़ रहीं महिलाएं
कीट पालन ही एक ऐसा कार्य है जिसमें महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ रही है। 2011-12 वर्ष की तीन कोकून मंडी में करीब 1000 महिलाएं कोकून बेचने के लिए पहुंची थी। 2012-13 में अभी तक दो कोकून मंडी ही लग पाई हैं। जिनमें जिला के विभिन्न हिस्सों से 945 महिलाओं ने लाखों रुपये की कोकून बेची हैं। अभी तीसरी मंडी लगना बाकी है जिसमें करीब 100 महिलाओं द्वारा कोकून बेचनी की उम्मीद लगाई जा रही है।
कोकून उत्पादन में लगातार बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी से नारी सशक्तिकरण को मजबूती मिल रही है क्योंकि महिलाएं आत्मनिर्भर होकर कम समय में कोकून का उत्पादन करके लाभ कमा रही है।
रिकार्ड तोड़ हो रहा उत्पादन
सेरीकल्चर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एके शर्मा ने बताया कि कीट पालकों को जागरूक करके महिलाओं को इंश्योरेंस योजना के साथ जोड़ने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने बताया कि कीट पालन में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा योगदान दे रही हैं। इसी के चलते हर वर्ष जिला में रिकार्ड तोड़ कोकून का उत्पादन हो रहा है। इससे नारी सशक्तिकरण को मजबूती मिल रही है क्योंकि महिलाएं घर बैठ कर ही कार्य करके आर्थिक लाभ हासिल कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 2012-13 में कितनी महिलाओं को वूमेन हेल्थ इंश्योरेंस योजना के साथ जोड़ा जाएगा इसके लिए योजना बन रही है।

Spotlight

Most Read

National

पाकिस्तान की तबाही के दो वीडियो जारी, तेल डिपो समेत हथियार भंडार नेस्तनाबूद

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत के जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

यहां पुलिस चालान काटने के बदले उठाया ये कदम, देखते रह गए लोग

उधमपुर में बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस की तरफ से विशेष तौर पर एक अभियान छेड़ा गया। इस बार अभियान में पुलिस ने चालान काटने के बजाए वाहन चालकों को निशुल्क हैलमेट देकर हमेशा हेलमेट पहनकर वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper