राज्य सरकार की असली परीक्षा बीडीसी चुनावों में

Sri nagar Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
श्रीनगर। पंचायत कोटे से विधान परिषद की चार सीटों पर चुनाव जीतने के बाद अपनी ही पीठ थपथपाने वाली नेकां-कांग्रेस गठबंधन के नेताओं के लिए बीडीसी चुनाव सही अग्नि परीक्षा माने जा रहे हैं।
दोनों ही दलों के नेता इस समय जश्न के दौर से गुजर रहे हैं। दोनों ने जम्मू-कश्मीर में नेकां तथा भाजपा को कड़ी चोट पहुंचा कर यहां अपनी मित्रता को गहरा किया है, वहीं अपनी हार से परेशान भाजपा तथा पीडीपी को आगामी बीडीसी चुनाव में गठबंधन की ओर से मिलने वाली एक और चुनौती का सामना करने के लिए अभी से जुट जाने का इशारा कर दिया है।नेशनल कांफ्रे ंस तथा पीडीपी दोनों ही क्षेत्रीय दल होने के साथ-साथ राज्य में एक दूसरे के चिर प्रतिद्वंद्वी भी माने जाते रहे हैं, जबकि कांग्रेस और भाजपा का राष्ट्रीय दल होना लाजिमी तौर पर एक दूसरे के लिए मुख्य विरोधी दल माना जाना स्वाभाविक ही है।
जानकारों ने 1974 के लंबे अंतराल के बाद राज्य में पंचायत कोटे से हुए विधान परिषद के चुनावों का कोई पूर्वानुमान तो नहीं लगाया था और न ही उनको राज्य में दो फाड़ हो चुकी भाजपा से चुनावों में कुछ अच्छा करने की उम्मीद थी। चुनावों के बाद पीडीपी की हालत से वे अवश्य आश्चर्यचकित रहे हैं।
दोनों संभागों में अपनी हार का मुंह देख चुकी पीडीपी के लिए अपनी हार को पचाना कठिन हो रहा होगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि पीडीपी भाजपा की गल्तियों का लाभ उठाकर उसको पीछे धकेलने में सफल रही है, लेकिन कश्मीर में उसकी दोनों सीटों पर हार पार्टी कार्यकर्ता हज्म नहीं कर पा रहे हैं।
पीडीपी के कई बडे़ नेता चुने गए पंचों-सरपंचों में से आधे से ज्यादा का संबंध उसके दल से बताते रहे हैं, लेकिन दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम तथा पुलवामा जिलों में यहां 2008 के विधानसभा चुनावों में पार्टी अपना वर्चस्व कायम करने में सफल रही थी। इस चुनाव के बाद वे क्षेत्र भी उसके हाथों से निकलते नजर आ रहे हैं, ऐसा राजनीतिक पंडितों का मानना है।नेकां तथा कांग्रेस एक योजनाबद्ध तरीके से राज्य के दो प्रमुख दलों पीडीपी तथा भाजपा को पंचायत चुनावों के कोटे से हुए चुनाव में पटकनी देने में सफल रहे हैं, लेकिन बीडीसी तथा जल्दी ही आने वाले निकाय चुनावों में ऊंट किस करवट बैठता है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा और इसके परिणाम राज्य में कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस के गठबंधन का भविष्य भी तैयार करेंगे।

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