सैनिटेशन अभियान की हवा निकली

Sri nagar Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। जम्मू संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में 2003-04 में शुरू किए गए टोटल सैनिटेशन अभियान को चलाने का मकसद आम लोगों की जिंदगी के स्तर को बेहतर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों को कम करना था, लेकिन अभियान के तहत भरपूर नतीजे नहीं मिल पा रहें। इन क्षेत्रों में पानी से फैलने वाली बीमारियों पर काबू नहीं पाया जा सका है। हाल ही में विधानसभा में पेश की गई रिपोर्र्ट के अनुसार इस बात का खुलासा हुआ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए गए सैनिटेशन अभियान के तहत जो सुविधाएं देने का टारगेट रखा गया था, वह पूरी तरह से बेहतर फंडिंग न होने के कारण हासिल नहीं किया जा सका। पिछले पांच वर्षों 2006 से 2010 में केंद्र, राज्य और दूसरी संस्थाएं फंडिंग दे पाने में नाकाम हुई हैं। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में टोटल सैनिटेशन अभियान के न चलने से पानी से फैलने वाली बीमारियां प्रति वर्ष बढ़ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक टोटल सैनिटेशन अभियान को चलाने के लिए 23.75 करोड़ रुपये क ा प्लान तैयार किया गया था। इसमें केंद्र ने 15.51 करोड़, राज्य सरकार ने 5.27 और दूसरी स्वयं सेवी संस्थाओं ने 2.97 करोड़ रुपये की रकम देकर अभियान को आगे बढ़ाना था, लेकिन रिकार्ड के अनुसार केंद्र सरकार ने निर्धारित रकम के बजाय सिर्फ 5.42 करोड़ रुपये ही दिये। इसी तरह राज्य सरकार ने सिर्र्फ 2.25 करोड़ रुपये ही दिए और दूसरी संस्थाओं ने भी निर्धारित रुपये न देकर सिर्फ 40 लाख रुपये ही दिए। इस तरह से वक्त पर फंडिंग न होने और पूरी फंडिंग न होने के कारण अभियान आगे नहीं बढ़ पाया। अभियान के अनुसार पांच वर्षों के अंदर बीपीएल घरों के लिए 50950 शौचालय बनाए जाने थे, लेकिन फंडिंग न होने के कारण 8191 शौचालय ही बन पाए, जिसकी वजह से 42759 शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया। इसी तरह स्कूलों के लिए 2607 शौचालय बनाए जाने थे, लेकिन पांच वर्ष के अंदर सिर्फ 2056 स्कूलों में ही शौचालय बनाए गए और 551 शौचालयोें की कमी रही। इसी तरह आंगनबाड़ी सेंटरों की हालत भी बदतर है। यहां भी सिर्फ 33 प्रतिशत काम ही हो पाया है।
इस तरह अभियान की बदतर हालत के चलते संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सैनिटेशन न होने के कारण पानी से पैदा होने वाली बीमारियों ने आतंक मचाया हुआ है। वर्ष 2007 में 40832 डायरिया, 1127 टाइफाइड, 469 वायरल हैपेटाइटस के केस शामिल हैं। इसी तरह 20098 में यह संख्या और बढ़ कर 38524 बीमारियों के केस रजिस्टर हुए। इसी तरह 2009 में बीमारों की संख्या बढ़ कर 39765 पहुंच गई और 2010 में 43277 सैनिटेशन न होने की वजह से बीमार हुए।

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