यूनाइटेड फ्रंट ने दी आंदोलन की चेतावनी

Sri nagar Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर पावर इंप्लाइज एंड वर्कर्स यूनाइटेड फ्रंट ने रियासती सरकार के उस फैसले की कड़ी निंदा की जिसमें सरकार बिजली विभाग की ट्रांसमिशन कंपनी, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, ट्रेडिंग कंपनी को बांट कर वर्ल्ड बैंक और ईएमएफ की सिफारिशों पर अमल कर राज्य के पावर सेक्टर के निजीकरण करने का निर्णय लिया गया है।
फ्रंट ने कहा कि सरकार पावर सेक्टर का निजीकरण कर यहां प्राइवेट कंपनियों का कब्जा करवाना चाहती है। फ्रंट के सदस्यों ने कहा कि यह फैसला इंडस वाटर ट्रीटी जैसा फैसला है। पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हजारों मुलाजिम इस फैसले के खिलाफ हड़ताल करने का मन बना रहे हैं। सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए। फ्रंट ने इस पालिसी को बनाने के लिए कुछ अफसरों को जिम्मेदार बताया। फ्रंट के मुताबिक, पावर सेक्टर में सुधार की जरूरत है, लेकिन ऐसा निर्णय यहां के लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने मांग की कि पावर सेक्टर में सुधार के लिए इंजीनियरों और कर्मियों के भी विचार लिए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस पालिसी को वापस नहीं लेती है तो हजारों वर्कर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

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