सेना कम करने के प्रयास जारी

Sri nagar Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
जम्मू/श्रीनगर। जम्‍मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे के दौरान शनिवार को रक्षा मंत्री एके एंटनी ने श्रीनगर का दौरा किया। उन्‍होंने आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों से सेना की संख्या को कम करने के प्रयास जारी हैं। सेना बंकरों और यूनिटों में रहेगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इमरजेंसी में ही सेना का उपयोग किया जाएगा। आतंकवाद से उत्पन्न स्थिति से समझौता किए बिना आतंकियों के खिलाफ आपरेशन जारी रहेंगे। उनका कहना था कि सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों से बेहतर तालमेल से ही आतंकवाद का सफाया किया जा सकता है। इस तालमेल के कारण सीमावर्ती राज्य में दुश्मन के परोक्ष युद्ध और शांति भंग करने के इरादों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकता है। संयुक्त सुरक्षा समीक्षा की बैठक में रक्षा मंत्री ने साफ कि कि यहां तक संभव हो सकेगा, सेना को सिविल क्षेत्रों से हटाए जाने का प्रयास किया जाएगा। सेना, अर्द्ध सैन्य बल, जम्मू कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से हुई बैठक में रक्षा मंत्री ने लोगों को विश्वास में लेकर राज्य में शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करने जोर दिया। आपसी तालमेल से ऐसी रणनीति तैयार की जाए जिससे अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सुरक्षा बलों को चेतावनी दी कि लोकतंत्र में मानव अधिकार उल्लंघन की कोई जगह नहीं है। दो दिवसीय दौरे के पहले दिन रक्षा मंत्री ने राज्यपाल एनएन वोहरा, सीएम उमर , सेना के कोर कमांडरों से भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ल िया। इस बीच, थल सेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह, रक्षा सचिव शशि कांत शर्मा, उत्तरी कमान के जीओसी इन लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक इत्यादि अधिकारी भी मौजूद थे।

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