स्कूलों की निगरानी करने वालों पर भी नजर

Rajouri Updated Fri, 25 Oct 2013 05:42 AM IST
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राजोरी। स्कूलों पर नजर रखने वालों पर भी अब नजर रहेगी। नए निर्देश के अनुसार अब जेडआरपी, सीआरपी और बीएलओ तीन दिन स्कूलों में पढ़ाएंगे, जबकि बाकी दिन स्कूलों का दौरा करेंगे। राजोरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने नया निर्देश जारी किया है। लगातार शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। यदि कोई इस पर खरा नहीं उतरा, तो उसका वेतन भी रोक दिया जाएगा।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी, चौधरी लाल हुसैन ने बताया कि स्कूलों में शिक्षा में सुधार और शिक्षा के स्तर को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से जोनल रिसोर्स पर्सन(जेडआरपी) कलस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) बूथ लेबल आफिसर (बीएलओ) का गठन किया गया है। इनमें चुने गए कर्मचारियों को स्कूलों में चेकिंग करनी होती है। देखना होता है कि स्कूलों में मिड डे मील, बच्चों की पढ़ाई, स्कूलों में शिक्षा का स्तर, शिक्षकों की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई किस तरह से चलती है। लेकिन कुछ समय से लगातार शिकायतें पहुंच रही थी कि यह लोग स्कूलों में पहुंचते ही नहीं। अब इनमें चुने गए कर्मचारी तीन दिन स्कूलों का दौरा करेंगे और तीन दिन उन्हीं स्कूलों में पढ़ाएंगे, जहां पर तैनात हैं।
स्कूल के हेड मास्टर और प्रिंसिपल को इसकी रिपोर्ट सीईओ को देनी होगी। यदि इनकी हाजिरी नहीं होगी, तो वेतन नहीं दिया जाएगा। सूत्रों की मानें, तो कर्मचारी निजी स्कूलों में भी पढ़ाते हैं। शिक्षा विभाग से भी वेतन लेते हैं और निजी स्कूलों से भी। सीईओ का मानना है कि इस निर्णय से जेडआरपी, सीआरपी, बीएलओ सही तरीके से काम करेंगे।
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