करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बुझ पाएगी आग

Rajouri Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
राजोरी। राजोरी के जिला अस्पताल में अगर कभी आग लगी तो सब कुछ जलकर राख हो जाएगा। क्योंकि अस्पताल में फायर कंट्रोल सिस्टम नहीं है। जम्मू मेडिकल कालेज से भी बड़ी इमारत में बने जिला अस्पताल पर 40 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। 20 करोड़ रुपए और खर्च किए जाएंगे, लेकिन अस्पताल में इस सिस्टम के न होने से कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं। हैरानी की बात है कि पिछले डेढ़ साल से अस्पताल में इमारत में काम चल रहा है।
हर समय इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों में मरीजों का तांता लग रहा रहता है, लेकिन इस सिस्टम के नहीं होने की किसी को कमी महसूस नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, किसी भी बड़ी इमारत के बनने पर उसमें फायर हाइड्रिड सिस्टम का होना अनिवार्य है, लेकिन जम्मू मेडिकल कालेज के नव निर्मित इमरजेंसी ब्लाक की तरह जम्मू कश्मीर प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (जेकेपीसीसी) ने जिला अस्पताल की इमारत को भी बिना प्लानिंग के बना दिया।
फायर हाइड्रिड सिस्टम के तहत इमारत की सभी जगहों में फायर कंट्रोल की पाइपें बिछाई जाती हैं। इसके लिए अगल से एक कंट्रोल सिस्टम होता है, जहां पर पंप लगा होता है। इस पंप की मदद से किसी भी जगह आग लगने पर पाइपों के जरिए आग पर काबू पाया जाता है, लेकिन राजोरी जिला अस्पताल में ऐसा कुछ नहीं है।

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