घटना के बाद मची चीख-पुकार

Rajouri Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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राजोरी। सड़क हादसे में घायलों के अस्पताल पहुंचते ही हर तरफ चीख पुकार मच गई। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल नजर आया। हर कोई पीड़ा से कराह रहा था, लेकिन अस्पताल में इतने यात्री घायल पहुंच गए थे कि अस्पताल प्रशासन को संभालना मुश्किल हो गया। दरअसल, अस्पताल में इन घायलों का उपचार करने के लिए मौके पर मात्र एक डाक्टर था, जबकि बाकी के एमबीबीएस की ट्रेनिंग करने वाले डाक्टर। नजीमा अख्तर को खुद अमर उजाला संवाददाता ने मरते हुए देखा। वह आधा घंटा तक बेड पर पड़ी कराहती रही, लेकिन उसका किसी ने उपचार नहीं किया। अस्पताल में घायलों को चढ़ाने के लिए पर्याप्त मात्रा में ब्लड भी नहीं था। नजीमा अख्तर के अलावा रुखसाना ने भी अस्पताल में दम तोड़ा। उसकी हालत नाजुक देखते हुए उसका आपरेशन भी किया गया। समय रहते उसे जम्मू पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं घायलों को चापर से मेडिकल कालेज पहुंचाने की योजना बनाई गई, लेकिन एक घंटे तक इंतजार करने के बाद चापर भी नहीं आया।
खराब मौसम के कारण चापर उड़ान नहीं भर सका। घायलों का मौसम ने भी साथ नहीं दिया। अस्पताल में स्टाफ की कमी इस कदर थी कि घायलों को अस्पताल पहुंचने के बाद औपचारिक इलाज ही आधे घंटे के बाद मिला।
क्षमता 23 की, बैठे थे 46
राजोरी (ब्यूरो)। जानकारी के अनुसार मिनी बस में 23 यात्रियों को जाने की मंजूरी है, लेकिन 46 यात्री लाद दिए गए थे। तभी तो छत और अंदर यात्रियों से खचाखच भरा था। इस बारे में डीसी का कहना था कि ओवरलोडिंग की वजह से हादसा हुआ है। फिर भी इसकी जांच करवाई जाएगी। ओवरलोडिंग करने वालों पर शिकंजा भी कसा जाएगा। इन्हीं वजहों से हादसे होते हैं। वहीं घायलों को अस्पताल पहुंचने के लिए भी परेशानी हुई। दरअसल, मंडी से अस्पताल को जाने वाली सड़क की हालत बहुत ही खस्ता है। डीसी ने कहा है कि रोड की वजह से सबको दिक्कत हो रही है। इसका काम तेजी से किया जा रहा है।
अस्पताल में लगा तांता
राजोरी (ब्यूरो)। हादसे की खबर राजोरी और आसपास के क्षेत्रों में आग की तरह फैली। देखते ही देखते अस्पताल में लोगों का तांता लग गया। हादसे की खबर सुनकर लोग अस्पताल में घायलों के पास पहुंचे। यहां अपने सगे संबंधियों की पहचान की गई। लोगों ने ही मृत लोगों की भी पहचान लगी। वहीं घटना स्थल पर मंत्री शब्बीर खान, डीसी सौगत विश्वास, पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे। सैकड़ों की तादाद में लोग भी अस्पताल आ गए। हर कोई हादसे को लेकर गमगीन था। ईद के एक दिन बाद ही हुए हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है। हादसे में शिकार कुछ छात्र भी हैं। जबकि एक डाक्टर और एक शिक्षक है। जो अपनी ड्यूटी के बाद अपने घर में जा रहे थे।
सेना भी पहुंची मदद करने
राजोरी (ब्यूरो)। पलमा के पास हुए हादसे में घायलों की मदद करने सेना भी पहुंची। सेना ने कई घायलों को घटनास्थल से अस्पताल पहुंचाया। घटना के कुछ मिनटों बाद ही राष्ट्रीय राइफल के जवान, पैरा मेडिकल स्टाफ और डाक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद जिला अस्पताल में अपनी एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। सेना के कई जवानों ने घायलों को खाई से बाहर निकाला।

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