ऐतिहासिक स्थलों की हो रही अनदेखी

Rajouri Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
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राजोरी। जिले में प्रशासनिक बेरुखी के चलते दर्जनों अनमोल धरोहरें धीरे-धीरे खत्म होती जा रही हैं, लेकिन इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। हालांकि अपनी मजबूती के चलते अब तक अपना अस्तित्व बचाए रखने में सफल रही ये धरोहरें अब भी बेहद खूबसूरत हैं। सरकार की नजरअंदाजी इन्हें रास नहीं आ रही है। अगर हालात यही रहे तो कभी मुगलों तथा महाराजा हरि सिंह तथा उनके वंशज महाराजाओं की पसंदीदा रही यह आरामगाहें एक दिन पूरी तरह खत्म हो जाएंगी।
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सीमावर्ती जिला राजोरी के नौशेरा, राजोरी, कालाकोट तथा थन्नामंडी में मुगलों के जमाने के छह किले हैं। बेहद खूबसूरत इन किलों की हालत अब इतनी खस्ता हो चुकी है कि यह पूरी तरह खंडहर बन गए हैं, लेकिन इन्हें देखने के लिए लोगों में अभी भी अच्छी खासी जिज्ञासा है। जिले की नौशेरा तहसील के सेरी स्थित किले की हालत यह है कि यहां दूरदर्शन द्वारा लगाए गए टावर के चलते पूरे किले को तहस-नहस कर दिया गया है जिसके चलते हर वर्ष यहां आने वाले हजारों पर्यटकों को निराशा ही हाथ लगती है। वहीं नौशेरा के मुख्य बाजार में स्थित किले पर तो पुलिस विभाग ने कब्जा जमाए रखा है। किला दरहाल में स्थित किले की हालत भी काफी जर्जर है। चिंगस स्थित मुगल सराय की सेना द्वारा करवाई गई मरम्मत के बाद अब इस सराय की हालत अच्छी हो गई है।
वहीं राजोरी स्थित किले पर भी सेना ने कब्जा जमाए रखा है। कालाकोट तहसील के गुलाबगढ़ स्थित किला भी खस्ताहाल होता जा रहा है।
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