'My Result Plus
'My Result Plus

आज के दिन कबाइलियों के कब्जे से आजाद हुआ था राजोरी

Jammu and Kashmir Bureau Updated Fri, 13 Apr 2018 01:12 AM IST
ख़बर सुनें
राजोरी डे विशेष
रवि वर्मा
राजोरी।
हर साल 13 अप्रैल को जिले में धूमधाम से राजोरी दिवस मनाया जाता है। यह दिवस राजोरी को पाकिस्तान कबाइली आक्रमणकारियों से मुक्ति की याद में मनाया जाता है। इस आजादी की कीमत हजारों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति देकर चुकाई।
वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा हुई। पाकिस्तान ने मीरपुर पर कब्जा करने के बाद मौके का फायदा उठाते हुए सेना और कबाइली आक्रमणकारियों को भेज कर राजोरी शहर पर कब्जा कर लिया। 23 नवंबर 1947 के दिन जब राजारी पर पाकिस्तानी कबाइलियों ने कब्जा किया तो उस दिन दिवाली थी। दिवाली की रात में पाकिस्तानी कबाइलियों व पाकिस्तानी सेना ने राजोरी पर आक्रमण कर कब्जा कर लिया। आक्रमण के समय शहर के अल्पसंख्यक हिंदू तथा सिखों की हालत चिंताजनक थी। उन्होंने पुलिस से आत्मरक्षा के लिए हथियार व गोला-बारूद की मांग की, जिसे नकार दिया गया। शहर पर आक्रमण के बाद जब शहर वासियों को पता चला कि भारतीय सेना उनकी रक्षा के लिए नहीं पहुंच रही है, तो उन्होंने रात के अंधेरे में शहर छोड़ना शुरू कर दिया। भारी संख्या में अल्पसंख्यक शहर नहीं छोड़ पाए, जिनमें महिलाएं बच्चे व बुजुर्ग शामिल थे। पाकिस्तानी सेना व कबाइलियों ने ऐसे लोगों को सामूहिक धर्मपरिवर्तन के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया। हर तरफ से निराश होकर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली और अपने आत्मसम्मान की रक्षा की। आज जहां राणे हवाई पट्टी बनी है, वहीं पर हजारों हिंदुओं और सिखों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। करीब 4000 लोग जो बचे थे, उन्हें पाकिस्तानी कबाइलियों ने तलवार, कुल्हाड़ी तथा खंजर से मौत के घाट उतार दिया था। करीब छह माह तक राजोरी शहर पर पाकिस्तानी कबाइलियों का कब्जा रहा।

भारतीय सेना के जवानों ने दिलाई आजादी
राजोरी शहर को पाकिस्तानी कबाइलियों व पाकिस्तानी सेना के कब्जे से आजाद करवाने में भारतीय सेना के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। इसमें भारतीय वायुसेना का योगदान भी सराहनीय था। कई चुनौतियों को पार करते हुए भारतीय सेना के टैंक त्वरित और अचूक फायरिंग करते हुए नौशेरा से चिंगस और फिर वहां से राजेारी शहर में घुसे व आसपास की पहाड़ियों तथा राजोरी किले में कब्जा जमाए दुश्मनों के छक्के छुड़ाने शुरू कर दिए। भारतीय सेना की वीरता के सामने पाकिस्तानी सेना और कबाइली नहीं टिक पाए। इस तरह 13 अप्रैल 1948 को भारतीय सेना ने राजोरी को आजाद करा लिया। शहर की अवाम ने भी भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिला कर सहयोग दिया, जिसमें कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति भी दी।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Dehradun

जब जंगल से निकलकर मुख्य मार्ग आ धमका टस्कर, मच गया हड़कंप 

थानो वन रेंज के जंगल से निकलकर एक टस्कर रानीपोखरी जाखन नदी पुल के पास मुख्य मार्ग पर आ धमका था।

25 अप्रैल 2018

Related Videos

आतंकियों ने जलाया था इस लड़के का घर, कड़ी मेहनत कर बना केएएस टॉपर

हीरा हमेशा कोयले की खान से ही निकलता है। इस बात को एक बार फिर सच कर दिखाया है जम्मू और कश्मीर के अंजुम बशीर खान ने।

27 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen