जिला अस्पताल में करोड़ों रुपेय की मशीनरी पड़ी है बेकार

Jammu and Kashmir Bureau Updated Tue, 06 Jun 2017 06:47 PM IST
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जिला अस्पताल में करोड़ों की मशीनरी बेकार
मशीनरी थी तो विशेषज्ञ नहीं, अब विशेषज्ञ आए तो मशीन खराब
अमर उजाला ब्यूरो
राजोरी।
स्वास्थ्य सेवा विभाग के निराशाजनक रवैये के कारण करोड़ों रुपये की मशीनरी जिला अस्पताल के बंद कमरे में धूल फांक रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े होने से मशीनरी किसी काम की नहीं रह गई है। विभाग के लापरवाह रवैये के चलते ज्यादातर मशीनें अब खराब हो चुकी हैं।
जिले की पहाड़ी सड़कों को ध्यान में रखते हुए आए दिन होने वाले सड़क हादसों में घायल लोगों को बेहतर उपचार प्रदान करने के मकसद से वर्ष 2011 में जिला अस्पताल में सीटी स्केन यूनिट स्थापित की गई थी। सीटी स्केन मशीन को चलाने के लिए पहले छह वर्षों में विभाग ने जिला अस्पताल में कोई रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं भेजा। जब वर्ष 2017 में रोडियोलॉजिस्ट का रिक्त पद भरा गया तो सीटी स्केन मशीन ही खराब हो गई।
सीटी स्केन यूनिट को मेनटेन करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने जम्मू स्थित एक निजी कंपनी को एक लाख रुपये प्रति माह देने के समझौते पर खरीदा था, लेकिन फंड की कमी के चलते एक वर्ष में कंपनी को एक लाख रुपये प्रति माह नहीं मिले और कंपनी ने मेनटेन करना ही बंद कर दिया। सीटी स्केन यूनिट को चलाने वाली बैट्रियां भी अब इतनी खराब हो चुकी हैं कि अब नयी ही लगाई जाएं तो काम चलेगा। इसके अलावा जिला अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने के लिए करीब 70 लाख रुपये की लागत से मशीनें स्थापित की गई थी, लेकिन सर्जन विशेषज्ञ को मात्र कुछ ही सर्जरी करने के बाद यहां से ट्रांसफर कर दिया गया था। अभी तक सर्जन विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है। लाखों की मशीनें बंद कमरे में धूल फांक रही हैं।

कुछ ही हफ्ते चलने के बाद बंद हैं लिफ्टें
इतना ही नहीं मरीजों की सुविधा के लिए वर्ष 2013 में स्थापित की गई दोनों लिफ्टें भी मात्र कुछ ही हफ्तों बाद बंद हो गई थीं। लिफ्टें बंद होने की मुख्य वजह यह रही कि इन्हें चलाने के लिए अलग ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं किया गया।


सीटी स्केन मशीनरी को मेनटेन कर चालू करने के लिए निजी कंपनी को एक लाख रुपये प्रति माह देने का फिर से समझौता हो गया है। जल्द ही मशीनों को चालू कर दिया जाएगा। लिफ्ट भी जल्द चालू करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
डॉ. महमूद अहमद, चिकित्सा अधीक्षक


इन सभी मामलों पर पहले से ही डीसी राजोरी, बिजली विभाग के एक्सईएन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है। जल्द ही जिला अस्पताल में बंद पड़ी सभी मशीनों को चालू कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।
डॉ. सुरेश गुप्ता, सीएमओ, राजोरी

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