नदी-नालों के किनारे की खिसक रही जमीन

Punch Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
उधमपुर। उधमपुर से चिनैनी और रामनगर की सीमा क्षेत्र में बहनेवाले नदी-नालों का किनारा हर साल बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त होता है। जिसकी चपेट में आने से कृषि और बागवानी योग्य भूमि बर्बाद हो रही है। तवी के अतिरिक्त पहाड़ी नाला जिसे बीरमा नदी के रूप में लोग जानते हैं जैसे छोटे-बडे़ नालों के किनारे बसे गांवों की जमीन को ये नदी और नाले अपनी सीमा में खींचने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि जिले से होकर बहनेवाली तवी तथा बीरमा नदी के अतिरिक्त दर्जनों ऐसे छोटे-बडे़ नाले हैं जिससे बरसात के दिनों में बारिश और बाढ़ के पानी से उनके किनारों की जमीन खिसककर बह जाती है। जिसको बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग उधमपुर की ओर से तीन साल पहले एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। जिसकी मंजूरी मिलने के साथ ही जमीन को बचाने के लिए कार्य शुरू किए गए थे जो अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।
बताया जा रहा है कि क्रेट वर्क के जरिए ज्यादातर जमीनों को खिसकने से रोके जाने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि, बागवानी योग्य भूमि को बारिश और बाढ़ के कटाव से बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग अब तक 14.95 करोड़ के प्रोजेक्ट में से करीब साठ फीसदी की राशि खर्च हो चुकी है। जिससे जिले में करीब 60-70 प्रतिशत काम हो सका है। जानकारी के मुताबिक, पूरा प्रोजेक्ट 14.95 करोड़ का है। जिसके आधार पर पांच साल में पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है। पांच साल में 58 हेक्टेयर भूमि बचाव का लक्ष्य भी निर्धारित है। इसके तहत जिले के लगभग 98 गांवों और मोडे़ को लाभ मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक करीब सौ से अधिक घरों को लाभान्वित किया जा सका है। करीब 58.19 हेक्टेयर भूमि का बचाव करने का लक्ष्य विभाग की ओर से निर्धारित है।
इस संबंध में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग उधमपुर के एईई अनिल गुप्ता ने बताया कि तीन साल से 14.95 करोड़ के प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है जिससे कृषि, बागवानी की जमीनों के साथ-साथ 98 गांवों की जमीनों को बचाने में मदद मिलेगी। जबकि नदी-नालों के किनारे बसे लोगों के घरों को इनकी सीमा में आने से रोका जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत ज्यादातर कार्य क्रेट वर्क का है और फंड के आते ही काम आगामी मार्च तक पूरा करने का अनुमान है।

Spotlight

Most Read

Kotdwar

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने डाला कण्वाश्रम में डेरा

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने डाला कण्वाश्रम में डेरा

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: LoC से वापस आई पुंछ - रावलकोट के बीच चलने वाली बस

पुछ को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर के रावलकोट से जोड़ने वाली बस को एक बार फिर रोक दिया गया। ये बस सोमवार को पुंछ से रावलकोट जाने के लिए चली, लेकिन एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा की जा रही क्रास बार्डर फायरिंग के मद्देनजर इसे वापस भेज दिया गया।

17 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper