जम्मू-कश्मीर में भी उगने लगा ड्रैगन फ्रूट

Jammu and Kashmir Bureauजम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Fri, 23 Oct 2020 12:27 AM IST
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ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानकारी देते युवा किसान दीपक गुप्ता।
ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानकारी देते युवा किसान दीपक गुप्ता। - फोटो : KATHUA

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कठुआ। अब वे दिन दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर में फलों की दुकानों पर विदेशी ड्रैगन फ्रूट स्वदेशी रूप में बिकने लगेगा। थाइलैंड, चीन, अमेरिका, मलयेशिया और इंडोनेशिया में पैदा होने वाला प्रोटीन से भरपूर ड्रैगन फ्रूट अब जम्मू-कश्मीर में भी तैयार होने लगा है। जम्मू संभाग के कठुआ जिले में ड्रैगन फ्रूट यानी पिताया की खेती को सफल प्रयोग किया गया है।
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कठुआ जिले के युवक दीपक गुप्ता ने तीन दशक से खाली पड़ी अपनी जमीन पर डेढ़ वर्ष पूर्व परंपरागत खेती के बजाय ड्रैगन फ्रूट की खेती की। इसके परिणाम अब उन्हें काफी उत्साहजनक मिल रहे हैं। अब बागवानी विभाग भी उनकी मदद करने के लिए आ गया है। शहर के व्यवसायी परिवार से संबंध रखने वाले दीपक के मन में खेती करने की इच्छा थी, लेनिक वह परंपरागत खेती नहीं करना चाहते थे। उन्होंने कुछ नया करने की ठानकर उन्हें इंटरनेट का सहारा लिया। और ड्रैगन फ्रूट की जानकारी हासिल की। इसके लिए उन्होंने गुजरात के कच्छ और महाराष्ट्र में जाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती को देखा और इसके बाद यहां ड्रैगन फ्रूट उगाने का निर्णय लिया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।
कंडी इलाकों में हैं असीम संभावनाएं
कठुआ जिले के तापमान और भौगोलिक स्थिति ने साफ कर दिया है कि यहां आसानी से उगाया जा सकता है। काफी कम सिंचाई मांगने वाले ड्रैगन फ्रूट की खेती उनकी जमीन के साथ-साथ जिला के कंडी क्षेत्र में भी की जा सकती है। इसके साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट के पौधों के बीच की दूरी में सब्जियां भी उगाई जा सकती है। यह किसानों के लिए वर्ष भर आमदनी का स्रोत बन सकता है। क्योंकि ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन मई से अक्तूबर माह तक होता है। इसके बाद किसान को सब्जी की खेती के लिए अच्छा समय मिल सकता है।
औरों को भी देंगे ड्रैगन फ्रूट उगाने के गुर
दीपक दीपक गुप्ता कहते हैं कि ड्रैगन फ्रूट उगाने की तकनीक काफी मशक्कत के बाद सीखी। अब जिला के अन्य किसानों को भी इसके गुर सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से परंपरागत खेती करने वाले किसान लागत मूल्य से परेशान हैं। मौसम की मार से भी उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। यदि किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती के साथ ही सब्जी की खेती भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से ड्रैगन फ्रूट की कलम भी किसानों को देंगे। ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के इच्छुक किसान को हर संभव मदद मुहैया करवाएंगे।
कई रोगों के लिए फायदेमंद ड्रैगन फ्रूट
विशेषज्ञों की मानें तो ड्रैगन फ्रूट के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। कैंसर रोग, मधुमेह और बाल संबंधी बीमारियों के लिए भी ड्रैगन फ्रूट फायदेमंद है। एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होने पर ये त्वचा रोग से बचाता है। त्वचा में निखार भी लाता है। कोलस्ट्रोल को भी कम करता है।
कठुआ में उगाए ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानकारी देते किसान दीपक गुप्ता।
कठुआ में उगाए ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानकारी देते किसान दीपक गुप्ता।- फोटो : KATHUA
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