देख, सुनकर लौट गए गृह मंत्री

Kathua Updated Thu, 24 Oct 2013 05:42 AM IST
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कठुआ/हीरानगर। आतंकी हमले के शिकार बने हीरानगर पुलिस थाने का केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने जायजा लिया। घटनास्थल पर पहुंचे शिंदे ने हीरानगर में अपने पंद्रह मिनट के दौरे में पुलिस थाने पर हमले का पूरा क्रम मौके पर जाकर समझने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों से उन्होंने पूरा घटनाक्रम सुना। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सीमावर्ती ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और बिना कोई ठोस आश्वासन दिए वह वापस लौट गए।
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दोपहर करीब साढ़े बारह बजे गृह मंत्री में शामिल दर्जनों वाहनों का काफिला हीरानगर पुलिस थाना परिसर पहुंचा। गृह मंत्री दौरे से जुड़े वाहन सीधा थाना परिसर में चले गए। बिना ज्यादा समय लिए गृह मंत्री ने आतंकी हमले के क्रम को समझना शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों के आला अफसरों ने गृह मंत्री को आतंकी हमले के क्रम में थाना परिसर में घुमाया। थाना परिसर के भीतर ही पांच मौतों के स्थल पर जाकर गृह मंत्री ने किसी नाट्य रूपांतरण की तर्ज पर घटना को समझने का प्रयास किया। गृह मंत्री के समक्ष सीमावर्ती ग्रामीणों की समस्याओं को उठाते हुए हीरानगर विधायक दुर्गा दास ने कहा कि ग्रामीण बुरे हाल में हैं। गोलीबारी से प्रभावित रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पांच मरला भूमि का प्लॉट दिया जाना चाहिए। एसपीओ युवाओं का वेतन बढ़ाने पर जोर दिया और तारबंदी को जीरो लाइन पर शिफ्ट करने की मांग उठाई। राज्य मंत्री डॉ. मनोहर लाल शर्मा, एमएलसी एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुभाष गुप्ता ने गृह मंत्री को मांग पत्र सौंपे। ज्यादा कुछ बात करने के बजाए गृह मंत्री ने सिर्फ इतना कहा कि एसपीओ युवाओं की वेतन वृद्धि का प्रस्ताव जल्द मंजूर होगा। इसके बाद वह अपने काफिले के साथ लौट गए। मंत्री दौरे के दौरान डिप्टी सीएम ताराचंद, मुख्य सचिव इकबाल खांडे, मंडलायुक्त शांतमनु सहित सुरक्षा एजेंसियों के आला अफसर भी मौजूद थे।
ट्रक बाहर था ना? नहीं सर अंदर था
कठुआ (ब्यूरो)। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संकट में फंसे ग्रामीणों की सुध लेने के बजाए पुलिस थाने में जांच के नजरिए से पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री शिंदे के सवाल ने सकते में डाल दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाें में रहे 26 सितंबर के दोहरे हमले में इस्तेमाल किए गए ट्रक से जुड़े सवाल ने हैरान कर दिया। आतंकी हमले के क्रम को समझने की कवायद के दौरान सुशील कुमार शिंदे ने अचानक पूछा कि ट्रक बाहर था ना...? मौके पर मौजूद एक वरिष्ठ अफसर ने फौरन जवाब दिया... नहीं सर ट्रक अंदर था। इस पर केंद्रीय मंत्री के मुंह से निकला मैने सोचा ट्रक बाहर था।इसे मंत्री की गलतफहमी कहें या फिर गलत जानकारी, उनके सवाल ने कुछ देर के लिए सुरक्षा तंत्र के बड़े अफसरों को भी सकते में डाल दिया था। उल्लेखनीय है कि 26 सितंबर की सुबह हमले के बाद आतंकी पुलिस थाने में जब्ती के बाद से खड़े ट्रक में सवार होकर सांबा सैन्य शिविर की ओर भागे थे।
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