मौत का बेड़ा बनकर सड़कों पर चल रहे खटारा वाहन

Kathua Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
कठुआ। बदहाल सड़कें, मुश्किल रूट, ओवरलोडिंग और उस पर खटारा वाहन। नतीजा दर्दनाक हादसोें का सरेराह होना। कुछ ऐसा ही हाल है जिले के कई पहाड़ी रूटों का, जहां पर यात्री वाहन लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के बजाए मौत का बेड़ा बनकर सड़कों पर चल रहे हैं। ऐसे में कब हादसा हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता।
जिले के पहाड़ी इलाकों में कई ऐसे रूट है,ं जहां पर दशकों पुराने खटारा वाहनों का रंग रोगन कर चलाया जा रहा है। कमोबेश यही हाल रियासत के कई सुदूरवर्ती इलाकों में भी है, जहां पर खटारा वाहन लोगों की जिंदगियों को फना कर देते हैं। बीते दिन उधमपुर जिले के डुडू मरोठी इलाके में हुआ हादसा इसकी बानगी भर है।
कठुआ जिले के पहाड़ी इलाकों में मौत का ऐसा तांडव कब हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। उल्लेखनीय है कि जिले के बसोहली और बनी तहसीलों में कई रूटों पर बेहद पुराने वाहनों की सेवाएं ली जा रही हैं। जरूरत के मुताबिक कम वाहनों की संख्या के चलते ओवरलोडिंग तो है ही उस पर वाहनों की खस्ता हालत से हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

होती रही है राज्य परिवहन की बसें चलाने की मांग
जिले के दूर दराज इलाकों में खटारा वाहनों से निजात पाने और यात्रियों को इन बस चालकों की परेशानी से छुटकारे के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों की भी मांग समय समय पर उठती रही है। बनी, बसोहली और बिलावर को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ती बस सेवाओं की मांग को सरकार और संबंधित विभाग द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया है, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। बिलावर के मछेड़ी और कटली, बनी के लोहांग, हट-माश्का, शीतलनगर, बसोहली के धार महानपुर और अधिकांश इलाकों में खटारा वाहनों के बेड़े को बदलने की मांग और अंतर्राज्यीय बस सेवा चलाने की मांग पहले भी की जा चुकी है।

मिट्टी के तेल पर फर्राटा भरते वाहन
एक ओर जहां मिट्टी के तेल की कालाबाजारी को लेकर विभाग कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कहते हैं, वहीं दूसरी और पहाड़ी इलाके के खटारा वाहनों को मिट्टी के तेल से चलाने की कवायद भी जारी है। एक ओर जहां इससे वाहनों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है, वहीं डीजल के दाम बढ़ने पर कम खर्चे पर इन वाहनों को सड़कों पर दौड़ाने किस कदर खतरनाक साबित हो सकता है, इसका अंदाजा भी नही लगाया जा सकता। मिट्टी के तेल से चलने वाले वाहन आए दिन तकनीकी खराबी से जूझते पाए जाते हैं, जिससे कई लोगों की जान भी आफत में रहती है। हाल ही में बनी तहसील में पुलिस ने एक बस चालक को ऐन मौके पर हिरासत में ले लिया था। आरोप था कि केरोसिन की कालाबाजारी कर इसका इस्तेमाल बस में ईंधन के लिए किया जा रहा था।

क्या कहते हैं अधिकारी
बसों को आपरेट कर रहे विभिन्न ग्रुप रोटेशनल बेसिस पर इन बसों को विभिन्न इलाकों में चलाते हैं। कामर्शियल वाहनों को पंद्रह साल या फिर फिटनेस के आधार पर ही सड़कों पर उतरने की इजाजत दी जाती है। विभिन्न रूटों पर शिकायत के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है, जिसके लिए लोगों को भी आगे आना चाहिए।
-राजीव चाढ़क, एआरटीओ, कठुआ

Spotlight

Most Read

Chandigarh

हरियाणाः यमुनानगर में 12वीं के छात्र ने लेडी प्रिंसिपल को मारी तीन गोलियां, मौत

हरियाणा के यमुनानगर में आज स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में 12वीं के एक छात्र को गिरफ्तार किया गया है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

इस मराठी फिल्म का रीमेक लेकर आ रहे हैं करण जौहर, पोस्टर जारी

मराठी फिल्म 'सैराट' की रीमेक ‘धड़क’ 20 जुलाई को रिलीज हो रही है। इस बात की घोषणा फिल्म के प्रोड्यूसर करन जौहर ने की। इसके साथ ही करन जौहर ने धड़क का नया पोस्टर भी जारी किया है। जिसमें जाह्नवी और ईशान की रोमांटिक केमिस्ट्री भी दिख रही है।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper