विकास को तरस रहा जोड़ेयां माता मंदिर

Kathua Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
बनी। खूबसूरत हसीन वादियों के बीच जिले के दूरदराज पहाड़ी इलाके का तीर्थ स्थल जोडे़यां माता मंदिर विकास के लिहाज से पिछड़ा हुआ है। हर साल पहुंचने वाले डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं को सरकार की उदासीनता के चलते सुविधाओं के अभाव से गुजरना पड़ता है। नवरात्र के दौरान दिन रात चलने वाली यात्रा के लिए यात्रा मार्ग पर उचित प्रबंध नहीं होने से श्रद्धालुओं को कई प्रकार की समस्याओं से गुजरना पड़ता है।
इस धार्मिक स्थल के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियाें के समय-समय पर किए गए दौरे भी बेमानी साबित हुए। नवरात्र महोत्सव शुरू होने में अब दो दिन ही शेष बचे हैं, वहीं हर साल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का प्रबंध करने वाली जोड़ेयां माता वेलफेयर कमेटी ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। वहीं अब तक पर्यटन विभाग के अधीन रहे इस धार्मिक स्थल की खूबसूरती और श्रद्धालुओं की आस्था को देखतेे हुए लखनपुर सरथल डेवलपमेंट अथारिटी के अधिकारियों ने जल्द ही दौरा कर इस स्थल को प्राधिकरण के अधीन लेने का मन बना लिया है। इसके लिए बाकायदा अधिकारी दौरा करने भी जा रहे हैं।

क्या कहती है लंगर कमेटी
जिले के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में नवरात्र को लेकर हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। बनी के जोड़ेयां माता धार्मिक स्थल पर हर साल शारदीय नवरात्र में दर्शन करने वालों का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार रहता है, लेकिन बावजूद इसके पिछले दो दशक से श्रद्धालुओं के बढ़ते रुझान को देखते हुए भी सरकार और प्रशासन द्वारा नाकाफी इंतजाम किए गए हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है। हर साल नवरात्र के दौरान भवन पर किए जाने वाले सभी इंतजाम के लिए अपने स्तर पर लोगों के सहयोग से जोड़ेयां माता लंगर कमेटी प्रबंध करती है।
जसवंत सोंधी (बिल्ला शाह)
अध्यक्ष जोडे़यां माता वेलफेयर कमेटी, बनी

जल्द होगा समस्या का समाधान
वर्तमान में जोड़ेयां माता मंदिर निदेशक पर्यटन विभाग के अधीन है। एलएसडीए द्वारा क्षेत्र को अपने अधीन लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी को देखते हुए नवरात्र के दौरान क्षेत्र का जायजा लेने और विकास को लेकर क्या प्रयास किए जाएं इस पर लोगों की राय जानने के लिए क्षेत्र का दौरा किया जाएगा।
अवतार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एलएसडीए

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