छात्रों को हलकान करने लगा मीडियम का माजरा

Kathua Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
कठुआ। पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रही सरकारी स्कूलों की शिक्षा पर अंग्रेजी मीडियम का सर्कुलर नई मुसीबत लेकर आया है। खासकर आठवीं की बोर्ड कक्षा के सोशल स्टडीज विषय की पढ़ाई विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए गफलत का सबब बन गई है। चालू सत्र में अब तक पढ़ाई हिंदी मीडियम में चल रही है। आधा सत्र बीत जाने के बाद यकायक अंग्रेजी मीडियम में परीक्षा का सर्कुलर प्रभावी किया जा रहा है। ऐसे में न तो विद्यार्थी एडजस्ट कर पा रहे हैं और ना ही स्टाफ सदस्य। कुल मिलाकर सोशल स्टडीज की परीक्षा को अंग्रेजी मीडियम में करवाने का सर्कुलर चिंता का सबब बन गया है। दरअसल आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को सोशल स्टडीज विषय की पढ़ाई हिंदी और उर्दू भाषा में करवाई जा रही है। सत्र दर सत्र उक्त विषय की पढ़ाई इन्हीं भाषाओं में करवाई जा रही है। इस वर्ष भी वर्तमान में ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में हिंदी अथवा उर्दू भाषा में ही सोशल स्टडीज पढ़ाई जा रही है। शैक्षिक सत्र का आधा समय बीत जाने के बाद अब जाकर अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करवाने के लिए जोर दिया जा रहा है।
सरकारी स्कूलों में तैनात कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सोशल स्टडीज को स्कूल में हिंदी मीडियम के तहत ही पढ़ाया जा रहा है। लेकिन शिक्षा विभाग से स्कूलों में विषय को अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने के लिए बोला जा रहा है, क्योंकि निदेशालय स्तर से जारी आदेश के अनुसार परीक्षा अंग्रेजी मीडियम में देनी पड़ेगा। शिक्षकों ने बताया कि इस समय बच्चों को अंग्रेजी में पढ़ाना मुमकिन नहीं है।
तमाम स्कूलों में एसएसटी की पढ़ाई को लेकर खासा असमंजस बन गया है जिसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। आठवीं के विद्यार्थियों में शामिल अक्षय, सतीश, रेणू, शुभकरण ने बताया कि छठी और सातवीं कक्षा में उन्होंने एसएसटी की पढ़ाई हिंदी मीडियम में की है। आठवीं में उन्हें अचानक से अंग्रेजी में पढ़ाया जा रहा है। मीडियम बदलने की वजह से उन्हें खासी परेशानियां आ रही हैं। वहीं कुछ शिक्षकों ने तर्क दिया कि अंग्रेजी मीडियम की शुरुआत पांचवीं के बाद से ही कर दी जानी चाहिए ताकि आठवीं तक पहुंचकर बच्चे अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई करते सहज महसूस कर सकें।

अंग्रेजी मीडियम की किताबें बांटी
स्कूलों को हिंदी के बजाए अंग्रेजी मीडियम में किताबें वितरित की गई हैं, लेकिन बच्चों को सबक समझाने के लिए हिंदी का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। अमर उजाला ने स्कूलों का दौरा कर पाया कि अंग्रेजी मीडियम की किताबों के सबक को हिंदी में अनुवाद कर समझाया जा रहा है। ऐसे में मीडियम का माजरा समझने के लिए बच्चे और स्टाफ दोनों ही हलकान हो रहे हैं।

हिन्दी में लिख सकते हैं उत्तर
आठवीं कक्षा के एसएसटी विषय को अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने का आदेश बीते वर्ष से जारी किया गया है। स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। यदि कुछ विद्यार्थियों के लिए मीडियम को लेकर दिक्कतें आ रही हैं तो वे अंग्रेजी मीडियम में प्रस्तावित पेपर की उत्तर पुस्तिका में जवाब अपने मनमुताबिक मीडियम में दे सकते हैं।
-जेके सूदन, मुख्य शिक्षा अधिकारी कठुआ

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