विज्ञापन

साउथ कैंपस की इमारत का कार्य छह साल से लटका

Kathua Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
कठुआ। इसे सरकारी उदासीनता कहें या फिर कठुआ का दुर्भाग्य कि आज तक कठुआ को जो भी मिला आधा अधूरा ही। महात्मा गांधी जच्चा बच्चा अस्पताल हो या फिर केंद्रीय विद्यालय की इमारत। हर जगह प्रशासन और सरकार का उदासीन रवैया ही देखने को मिला है। उच्च शिक्षा की बात करें तो शहर में साउथ कैंपस भी आज तक अधूरा सपना ही है। वर्ष 2006 में जम्मू विश्वविद्यालय प्रशासन ने साउथ और नार्थ कैंपस की घोषणा की थी। भद्रवाह में बनने वाला नार्थ कैंपस तो दिन दोगुनी चार चौगुनी तरक्की कर रहा है, लेकिन कठुआ के साउथ कैंपस की स्थिति यह है कि छह साल बाद अब तक भूमि अधिग्रहण भी नहीं हो सका है। किराए की इमारत में चल रहे विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2006 से ही कक्षाएं शुरू कर दी गई थीं, लेकिन अब तक न इमारत नसीब हुई और न ही अतिरिक्त कोर्स। आलम यह है कि विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस को अतिरिक्त कोर्स भी इसी सत्र से मिले हैं, लेकिन अपनी इमारत के अभाव में शिक्षा प्रभावित हो रही है। भद्रवाह में इसके साथ ही शुरू किए गए नार्थ कैंपस में इमारत के साथ ही शिक्षा के नए आयाम को छूने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इतने साल बीतने के बाद भी कठुआ कैंपस में मात्र एक विषय (एमबीए) ही चलाया जाता रहा। इस सत्र से एमसीए और बीए आनर्स अंग्रेजी की कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। भद्रवाह स्थित साउथ कैंपस में परंपरागत विषयों को छोड़कर कई नए नकनीकी विषयों को भी शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छह साल में दो बार बदली गई इमारत
वर्ष 2006 से अब तक साउथ कैंपस की इमारत को दो किराए की इमारतों में शिफ्ट किया जा चुका है। पहले निजी संस्थान के एक हिस्से में चलाई जा रही इमारत को गत वर्ष नवंबर माह से कालीबड़ी के नजदीक एक अन्य इमारत में शिफ्ट कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि यूनिवर्सिटी जैसा माहौल ही नहीं है। शिक्षा से समझौता तो नहीं किया जा रहा, लेकिन मकान में चलाई जा रही इमारत का संस्थान जैसा वातावरण नहीं है। एक स्थायी शिक्षक ही एमबीए के लिए नियुक्त किया गया है। जबकि भद्रवाह कैंपस में पांच स्थायी शिक्षकों को एमबीए के लिए नियुक्त किया गया। वर्तमान में होस्टल सुविधा नहीं होने से अधिकतर विद्यार्थी या तो रोजाना जम्मू से आना-जाना करते हैैं और कुछ पीजी लेकर ही कठुआ कैंपस में शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं।

जंगलोट में 362 कनाल भूमि के अधिग्रहण के लिए प्रयास जारी हैं। यूनिवर्सिटी को अपनी इमारत इतने लंबे समय तक नहीं मिलने के पीछे कारण प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं का दबाब रहा। वर्ष 2009 से ही विश्वविद्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य हाथों में लिया और प्राथमिकता पर कागजी कार्रवाई को एक बार फिर जमीनी स्तर से उठाया गया। 2006 में कठुआ को मिले साउथ कैंपस को लेकर तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया नकारात्मक रहा। यहां तक कि भूमि अधिग्रहण के प्रपोजल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वर्तमान में टेंडरिंग प्रक्रिया चल रही है।
-चरणजीत सिंह
कठुआ विधायक


इमारत के निर्माण के लिए टेंडरिंग प्रक्रिया को मार्च में ही अंजाम दे दिया गया था, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण एक बार फिर टेंडरिंग करवाई जा रही है। निविदा सूचना निकलने के बाद अगले सप्ताह तक आमंत्रण पहुंच जाएंगे। यह लक्ष्य लिया गया है कि इमारत के तीन ब्लाक, जिसमें प्रशासनिक, ब्वायज होस्टल और गर्ल्स होस्टल को पहले चरण में किया जाएगा। इसका काम मार्च 2014 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसमें 20 करोड़ और 51 लाख के फंड उपलब्ध हैं।
-राजिंद्र गुप्ता
इंजार्च कार्यकारी अभियंता

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kathua

शादी समारोह में आई महिला की सड़क हादसे में मौत, तीन अन्य घायल

शादी समारोह में आई महिला की सड़क हादसे में मौत, तीन अन्य घायल

12 दिसंबर 2018

विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर : आतंकियों के हमले में 4 पुलिसकर्मी शहीद

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने पुलिस चौकी पर हमला किया। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के 4 जवान शहीद हो गए।

11 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election