फरार कैदी का नहीं मिला सुराग

Kathua Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
कठुआ। जिला जेल से फरार हुए हत्या के आरोपी की तलाश में रवाना हुई चार अलग-अलग टीमों को दूसरे दिन वीरवार को भी कोई सुराग नहीं मिल पाया। पंजाब की ओर रवाना की गई टीम बैरंग लौट भी आई है। वहीं तीन अन्य टीम कठुआ जिले के अलग-अलग हिस्सों में खाक छान रही है। देर शाम खबर लिखे जाने तक किसी भी टीम को फरार कैदी के बारे में पुख्ता जानकारी हासिल नहीं हो पाई थी। दियालाचक्क बिलावर मार्ग हो या फिर कठुआ बसोहली रूट। पुलिस विभाग की विशेष टीमें सोहन सिंह के हर संभावित ठिकाने को खंगालने में जुट गई हैं। इन टीमों में एक-एक कर्मचारी कारावास विभाग से शामिल किया गया है। जेल से फरार होने के बाद से यह मामला अब पुलिस के पाले में आ गया है। कानूनी दायित्व के अनुसार फरार कैदी को यथाशीघ्र काबू कर वापस जेल पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस की है। इसी के चलते बीते दिन पुलिस ने कैदी की फरारी का मामला दर्ज कर तलाश के लिए टीमों को रवाना कर दिया। दिन भर इलाके खंगालने और बड़े स्तर पर कवायद चलाने के बावजूद सोहन सिंह के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाई। एसएसपी कठुआ अतुल कुमार गोयल के अनुसार फरार कैदी को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया है। फरार कैदी को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। टीमें अपने काम में लगी हैं लेकिन देर शाम तक सोहन सिंह का कोई सुराग नहीं लग पाया था।

लापरवाही के साथ अब मिलीभगत के कयास
कठुआ (ब्यूरो)। सुरक्षा के मामले में सबसे कड़े पहरे से लैस रहने वाली जेल की पहरेदारी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। फरार हत्या का आरोपी सोहन सिंह फिर अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया है। कैदी की फरारी जहां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण सवाल बन गया है, वहीं कैदी के फरार होने के पीछे जेल स्टाफ की लापरवाही और मिलीभगत जैसी आशंकाएं भी उभर रही हैं। गौर करने वाली बात है कि जिला जेल परिसर के लाकअप तक पहुंचने के लिए लगभग आधा दर्जन द्वार लांघने पड़ते हैं। प्रत्येक द्वार न सिर्फ बेहद मजबूत हैं, बल्कि चौबीस घंटे सुरक्षा कर्मियों की निगाह में भी रहते हैं। ऐसे कड़े इंतजामों के बावजूद कैदी का फरार होना लापरवाही और मिलीभगत के कयासाें को भी हवा देने लगा है। विचाराधीन कैदी के फरार होने में मिलीभगत की संभावना संबंधी पूछे जाने पर एसएसपी कठुआ अतुल कुमार गोयल ने कहा कि फिलहाल कैदी को पकड़ना पुलिस की प्राथमिकता है। अभी मिलीभगत जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। हालांकि इस पर भी गौर किया जाएगा।

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