दूर की कौड़ी बना सबसे बड़ा टूरिस्ट सर्किट

Kathua Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
कठुआ/बनी। लखनपुर सरथल टूरिस्ट सर्किट को साकार करने का सपना कार्य की कछुआ चाल के कारण दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। लखनपुर-बसोहली-बनी टूरिस्ट सर्किट की परियोजना का कार्य शुरू हुृए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन इस प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण परियोजना को पर लगना अभी बाकी हैं। परियोजना का कार्य प्रधानमंत्री पुनर्निर्माण योजना के तहत 7.99 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था। अब जबकि 6.39 करोड़ रुपये की राशि केंद्र द्वारा जारी भी कर दी गई है, लेकिन कार्य का जमीनी एहसास नाम मात्र ही है।
लखनपुर सरथल मार्ग वर्तमान में मौसम पर ही निर्भर करता है। यहां तक की स्थानीय लोग भी इस मार्ग को अधिकतर प्रयोग करने से कतराते हैं। ऐसे मेें पर्यटकों को लुभाना तो एक सपना ही है। जिले के मैदानी इलाकों से जाने वाले और बनी आदि इलाकों सेे वापस आने वाले लोग अभी भी राज्य के इस मार्ग को छोड़कर हिमाचल के रास्ते ही क्षेत्र का रुख करना बेहतर समझते हैं। मौजूदा स्थिति को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कार्य अगले पांच सालों में पूरा हो सकेगा। इस परियोजना की घोषणा के समय यह दावा किया गया था कि एडवेंचर टूरिज्म के प्रति आकर्षित पर्यटकों को क्षेत्र में रिझाने का प्रयास किया जा सकेगा। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए साधनों के साथ ही इको टूरिज्म को बढ़ावा देना भी है। वर्ष 2010 के दौरान राज्य पर्यटन मंत्री नासिर असलम वानी ने बनी विधायक मास्टर लाल चंद के प्रश्न के जवाब में बताया था कि परियोजना का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद की स्थिति भी कुछ बेहतर नही है। इस टूरिस्ट सर्किट के निर्माण की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा की गई थी।
क्या था परियोजना का मकसद?
इस परियोजना का मुख्य मकसद भद्रवाह को लखनपुर से जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देना था। इसके साथ ही रावी पर बनने वाले एतिहासिक पुल के निर्माण से एक वैकल्पिक रूट तैयार हो रहा है, जिससे की पर्यटकों को इस ओर खींचने में भी सहायता मिलती। हालांकि रावी पुल के निर्माण को सितंबर 2014 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। इस बात का खुलासा बीआरओ के डीजी लेफ्टीनेंट जनरल एस रविशंकर ने किया था। महत्वाकांक्षी इस परियोजना का पूरा होना भी तब तक सकारात्मक सिद्ध नहीं हो सकता, जब तक कि लखनपुर से सरथल तक का सड़क निर्माण पूरा नहीं हो जाता। यह मार्ग बसोहली, बनी, सरथल, भद्रवाह, किश्तवाड़, छात्रू और अनंतनाग से जोड़ घाटी को नेशनल हाईवे एक(ए) का वैकल्पिक रूट उपलब्ध करवा सकता है।
टूरिस्ट हट तैयार होने के बाद भी सुविधा नहीं
लखनपुर सरथल विकास प्राधिकरण द्वारा सरथल में टूरिस्ट हट तैयार कर लिया गया है, लेकिन वर्तमान समय में इसे प्रयोग में नहीं लाया जा सका है। इसके चलते सरथल पहुंचने वाले पर्यटकों को रात गुजारने के लिए खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि विभिन्न जगहों से पहुंचने वाले पर्यटक अपने साथ टेंट की व्यवस्था करके ही पहुंचने को मजबूर हैं। आलीशान बनाए गए इस टूरिस्ट कांप्लैक्स में पानी की व्यवस्था नहीं होना एक बड़ी समस्या है, जिसके लिए कार्य चल रहा है, लेकिन इस सब में पर्यटकों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं के लिए यह टूरिस्ट कांप्लैक्स खोल दिया जाता है।

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