डुग्गर नार प्रतियोगिता पर लगा विराम

Kathua Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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कठुआ। जिले में डुग्गर संस्कृति को जीवंत करने की एक और मुहिम दम तोड़ गई। हर साल आषाढ़ माह से सावन मास तक आयोजित होने वाली राड़े प्रतियोगिता इस दफा नहीं करवाई गई। आयोजक संस्था डोगरी युवा साहित्य क्लब के सदस्यों ने सरकारी उदासीनता और लोगाें की घटती रुचि को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। क्लब सदस्यों का कहना है कि राड़े प्रतियोगिता की परंपरा वर्ष 1995 में शुरू की गई। संस्था ने अपने दम पर लगातार डेढ़ दशक तक प्रतियोगिता को आगे बढ़ाया लेकिन सांस्कृतिक अकादमी द्वारा सहयोग न मिलने के चलते प्रतियोगिता का आयोजन अब मुश्किल हो गया है। उल्लेखनीय है कि हर साल राड़े प्रतियोगिता का आयोजन दिलचस्पी भरा कार्यक्रम बनता रहा है। पचास से साठ की संख्या में युवतियां और महिलाएं प्रतियोगिता में भाग लेती थीं। ऐसे में एकाएक प्रतियोगिता के आयोजन को बंद करने से डुग्गर संस्कृति की महत्वपूर्ण गतिविधि पर विराम लग गया है। डोगरी युवा साहित्य क्लब के सदस्यों के अनुसार हर वर्ष डोगरी युवा साहित्य कल्ब द्वारा राड़े डुग्गर नार प्रतियोगिता का आयोजन कर संस्कृति को बचाए रखने का प्रयास किया जाता है। लेकिन सरकार के उदासीन रवैये को देखते हुए संस्था ने इस बार आयोजन नही करवाया।
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